Month: September 2020

आजादी के दीवाने-भवानंद सिंहआजादी के दीवाने-भवानंद सिंह

आजादी के दिवाने (गाँधी जी के सपने) 02 अक्टूबर का दिन है खास जन्मे उस दिन एक शख्स महान, किया उसने कुछ ऐसा काम आज भी उसपर देश को है नाज । देखा एक सपना उसने देश को आजाद कराना है, बहुत सह लिये अत्याचार फिरंगियों को मार भगाना है । सन् 1917 में आए […][...]

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लाल बहादुर शास्त्री-कुमकुम कुमारीलाल बहादुर शास्त्री-कुमकुम कुमारी

  लाल बहादुर शास्त्री गरीब के वे लाल थे गरीबी के दर्द को वे समझते थे सादगी जिनकी पहचान थी ईमानदारी जिनकी जान थी देश के मंत्रियों के वे प्रधान थे वे बड़े ही सौम्य और महान थे मुंशी शारदा प्रसाद के वे लाल थे बड़ा ही वे विद्वान और महान थे। नदी तैरकर वे […][...]

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बापू एक सुविचार-लवली वर्माबापू एक सुविचार-लवली वर्मा

बापू एक सुविचार बदलती जिससे जीवन की दिशा, बापू तुम हो ऐसा विचार। अहिंसा के पथ पर चलकर, तुमने किये हैं चमत्कार। बापू तुम हो ऐसा विचार।। देख तेरी कर्मयात्रा, मिलती हमें है प्रेरणा। भावों में आता परिवर्तन, हृदय में भरती करुणा। बापू तुम हो ऐसा विचार।। जीवन के षडरिपु का, पाठ तुमने ही पढ़ाया। […][...]

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शिक्षा नये मूल्य-गिरिधर कुमारशिक्षा नये मूल्य-गिरिधर कुमार

शिक्षा नये मूल्य वह शिक्षित है ऐसा कहते हैं उसे ठगा जाना मुश्किल है वह ठग लेता है आसानी से दूसरों को कहते हैं उसे नौकरी भी लग गई है… और अब वह श्रेष्ठ है वह शिक्षित है इसलिए! नहीं यह सच नहीं है फिर भी वह शिक्षित है फिर भी यहाँ कहाँ कुछ है […][...]

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हमारी कविता-गिरिधर कुमारहमारी कविता-गिरिधर कुमार

हमारी कविता मुझे पता नहीं कैसी है हमारी कविता सुंदर, असुंदर या और कुछ बच्चों की किलकारियाँ शरारतें स्लेट पर खींची आड़ी तिरछी रेखाएँ  उनमें झाँकती भविष्य की आशाएँ  पतंग के डोर सा पुरवैया के जोर से प्रार्थना के टुकड़े कुछ कभी न हारने का दम खम कुछ हिलता डुलता संकल्प भी असफल होने का […][...]

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सकारात्मक विचार-रीना कुमारीसकारात्मक विचार-रीना कुमारी

सकारात्मक विचार हमारे स्वयं के सकारात्मक विचार, उर्जा का सदा करता संचार, विपरीत परिस्थितियों में ये रखता हमें संभाल, हमारे व्यकित्व में लाता है निखार, ऐसे होते हमारे सकारात्मक विचार। हमारे स्वयं के सकारात्मक विचार———– हमारे गुणों में हमेशा लाता विकास, टूटने न देता कभी हमारी आस, मुश्किलों में भी विकल्प होता पास, न होने […][...]

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राष्ट्रपिता-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवराष्ट्रपिता-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

राष्ट्रपिता धन्य “धरा” हो तेरी धरती एक देश-भक्त ने जन्म लिया कलयुग के “करतार” हो जैसे माँ ने “मोहन” नाम दिया । राजकोट के राज दुलारे माता “पुतली बाई” थीं , करमचन्द बापू थे उनके घर में खुशियाँ छाई थी। देश-विदेश में शिक्षा पाई रंग विदेशी चढ़ न सका , त्याग दिये अपने सूख सारे […][...]

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ऐसे थे गाँधी-दिलीप कुमार गुप्ताऐसे थे गाँधी-दिलीप कुमार गुप्ता

ऐसे थे गाँधी प्रेम सद्भावों के मूरत बापू सत्य अहिंसा के पुजारी युगों तक रहेगी दुनियाँ  तेरे सदकर्मो की आभारी। सरल जीवन दिव्य विचार आजीवन परोपकार सत्य में ईश्वर को ढूंढ सुवासित हुआ सुविचार । हिंसक प्रतिकूलन मिटा अहिंसक अनुकूलन दिया अनैतिक गठबंधन उखाड़ नैतिक संवर्धन किया। शोषित पीड़ित जनता के कलुषित निस्तेज मानवता के […][...]

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हर जीव में-प्रभात रमणहर जीव में-प्रभात रमण

हर जीव में कितनी भी पूजा करो तुम मिट्टी और पाषाण का । पर मानो या न मानो हर जीव में है समाहित मूरत उस भगवान का । जिस जगत में तुमने जन्म लिया वहाँ न कोई साथ था । उस ऊपर वाले ने ही भेजा था जहाँ किरण प्रभात का । सब ढूंढ रहे […][...]

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वर्षा ऋतु-नूतन कुमारीवर्षा ऋतु-नूतन कुमारी

 वर्षा ऋतु  वर्षा की रुत है बड़ी सुहानी, वर्षा तू ऋतुओं की है रानी, कभी तरसाती बूंद-बूंद को, कभी बरसती है घोर-घनी। तेरे आगमन से मन झूम उठा, जनजीवन में नव संचार हुआ, सूखे पौधों का कायाकल्प कर, शीतलता से तू उपचार किया। तेरी छटा है मन को लुभा रही, तन की उमसता तू मिटा […][...]

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