कौन है इंसान-संयुक्ता कुमारी

कौन है इंसान अहंकार रहित दृढ़ता आत्मविश्वास से भरा शब्दों में मिठास, नजरों में हमदर्दी और चेहरे पर मुस्कान वो है इंसान।। अत्याचार के विरोध में खड़ा, स्वाभिमान से भरा…

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इस बार का दसहरा-गिरिधर कुमार

इस बार का दसहरा मचलता है मन उठते हैं प्रार्थना के स्वर चीरते हैं जैसे कोरोना के अंधियारे को विश्वास का बल आया है सड़कों पर चुहल बढ़ी है हिम्मत…

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देश हमारा सबसे प्यारा-प्रीति कुमारी

देश हमारा सबसे न्यारा  सबसे प्यारा सबसे न्यारा, सबसे सुन्दर देश हमारा । कहीं पठारें कहीं है पर्वत, कहीं हैं नदियाँ कहीं बहारा । कहीं हैं झरने कहीं नजारे, कहीं…

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बिटिया रानी-नूतन कुमारी

बिटिया रानी  अति मनमोहक छवि तुम्हारी, मृदुल वाणी से लुभा रही हो, ओ मेरी बिटिया रानी, बिन बोले सबकुछ बता रही हो। तेरी किलकारी पर अपनी जान लूटा दूं, ह्रदय…

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सूरज कब आएगा-मनोज कुमार दुबे

सूरज कब आएगा ठिठुरता धारदार मौसम छील-छील ले जाता है त्वचा बींधता पेशियों को गड़ जाता हड्डियों में/ पहुँच जाता मज्जा तक स्नायुओं से गुज़रता हुआ झनझना दे रहा तुम्हें…

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बेटी:अधिकार-मधु कुमारी

बेटी : अधिकार बाबा मैं भी अभिमान तुम्हारा मान-सम्मान संग संतान तुम्हारा मुझको भी है पढ़ने जाना शिक्षा का है दीप जलाना शिक्षा का अलख जलाऊँगी पढ़ लिखकर मैं भी…

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टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज

Vijay Bahdur Singh

टीचर्स ऑफ बिहार के पद्यपंकज, गद्यगुंजन और ब्लॉग टीम लीडर विजय बहादुर सिंह आपका स्वागत करता है। पद्यपंकज, गद्यगुंजन के रचना का सत्यापन श्री विजय बहादुर सिंह जी के द्वारा की जाती है।


धन्यवाद

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