Month: November 2020

बिटिया रानी-अर्चना गुप्ताबिटिया रानी-अर्चना गुप्ता

बिटिया रानी सुन लो प्यारी मेरी बिटिया रानी आओ सुनाऊँ तुझे मैं एक कहानी नन्हें पाँव तेरे जब पड़े घर-अँगना हँसती ऐसे जैसे बहे दरिया नूरानी प्रस्फुटित होता तुझसे ही नवजीवन विधाता की हो तुम अनमोल सृजन सदा दीपशिखा सी अहर्निश जलती पतझड़ को भी बना जाती मधुबन उम्मीदों के सदा ही पंख फैलाओ आशाओं […][...]

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बाल श्रमिकों की पुकार-अपराजिता कुमारीबाल श्रमिकों की पुकार-अपराजिता कुमारी

बाल श्रमिकों की पुकार 👧🏻हम बच्चे भी तो भविष्य देश के बालश्रम क्या देश के भविष्य पर प्रतिघात नहीं 🧒🏻हमें भी दे दो ना, जीने, खेलने, पढ़ने को दे दो प्यार और दुलार क्यों श्रम करने को हैं हम लाचार 👦🏻गरीबी घर की जिम्मेवारी का बोझ मजदूरी करवाती, है हमसे हर रोज 👱🏽‍♂️ हमें भी […][...]

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विनती-आँचल शरणविनती-आँचल शरण

विनती देना शक्ति हमें इतना विधाता, भूल हो न कभी हमसे जरा सा। हम सब है नादान पर संतान तुम्हारे, तुम हो सृजनहार, पालनहारे। गलत राह पर न चलाना हमें तुम, बस इतनी कामना है प्रभु तुम से हमारे। जितनी भी जियूँ ये जिंदगी मैं, सर पे हाथ रहे सलामत तुम्हारे। जाति-मजहब की कोई दीवार […][...]

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मनु की मर्दानी-नरेश कुमार निरालामनु की मर्दानी-नरेश कुमार निराला

मनु की मर्दानी भारी मन से लिखा था टप टप टपके अश्रुधारा, भारत माँ की बेटी है वो मणिकर्णिका नाम तुम्हारा। भागीरथी बाई के घर में जब जन्म लेकर आई थी, मोरोपंत तांबे के चेहरे पर असीम खुशियाँ छाई थी। लेकिन चार वर्ष के होते हीं माता परलोक सिधार गई, नन्हीं मनु को कुछ न […][...]

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जीवन की सच्चाई-संयुक्ता कुमारीजीवन की सच्चाई-संयुक्ता कुमारी

जीवन की सच्चाई जीवन एक संघर्ष है । इसे हँसकर जीने में ही हर्ष है ।। जिंदगी जब जीनी ही है फिर क्यों हम इतने विवश हैं ? जीवन है सबसे बड़ी संघर्ष । लाख मुसीबत आए बोली न बोले कभी कर्कश ।। हौसला बुलंद रखे आगे बढ़ें मंजिल मिलेगी न हो दुःख में कभी […][...]

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क्यों बैठा मन मार राही-रानी कुमारीक्यों बैठा मन मार राही-रानी कुमारी

क्यों बैठा मन मार राही सफर अभी शेष है समर अभी शेष है चंद ठोकरों से घबराकर क्यों बैठा मन मार राही क्यों बैठा मन मार ? चूमना है शिखर तुम्हें ही छूना है आकाश भी ग़म के अंधेरे से सहम कर क्यों बैठा मन मार राही क्यों बैठा मन मार ? वक्त बारंबार करके […][...]

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हमारा बिहार सुखमय संसार-रीना कुमारीहमारा बिहार सुखमय संसार-रीना कुमारी

हमारा बिहार सुखमय संसार  हमारा बिहार सुखमय संसार। यही तो है हमारा परिवार, एक दूजे पे हम लुटाये प्यार, देवो को चढ़ाये सदा पुष्पों का हार। अपना राज्य है बिहार, यही तो अपना सुखमय संसार। अनेक धर्म के है लोग यहाँ, मिलकर रहते है सब जहाँ, बिहार के लोग बड़े होशियार, प्रेम ही है, इनका […][...]

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सब मिल चलो पेड़ लगाएँ-नरेश कुमार निरालासब मिल चलो पेड़ लगाएँ-नरेश कुमार निराला

सब मिल चलो पेड़ लगाएँ  सब मिल चलो पेड़ लगाएँ  भारत भूमि को स्वर्ग बनाएँ  वसुधा पर हरियाली फैलाकर वायु को हम स्वच्छ बनाएँ। वसंती हवा के शीतल झोंके चारों दिशाओं में कोयल कूँके खग कलरव सुन मंद-मंद मुस्काएँ  सब मिल चलो पेड़ लगाएँ। आम, लीची, अमरूद, केला पेड़ों का अब लगेगा मेला जामुन, पीपल, […][...]

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मोह-प्रीति कुमारीमोह-प्रीति कुमारी

मोह माया से भरी इस दुनियाँ में जीना इतना आसान नहीं हर राह भरे हैं काँटों से चलना इतना आसान नहीं। पग पग पर मिलती मुसीबतों से लड़ना इतना आसान नहीं इस लोभ मोह की नगरी में जीना इतना आसान नहीं। यहाँ हर पल मिलती चुनौतियाँ  पग पग पर आती विपत्तियाँ जीवन बाधा से भरी […][...]

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हौसलों का पंख लिये-प्रियंका कुमारीहौसलों का पंख लिये-प्रियंका कुमारी

हौसलों का पंख लिये हौसलों का पंख लिये, उड़ जाओ तुम सपनों के आसमान में, लाख तूफान अगर आ जाए , हार ना मानना कभी , तुम अपने जीवन में , गिरना, उठना, फिर गिरकर उठना , फिर दिखा देना हिम्मत से कुछ ऐसा करके इस तूफान में , तुम्हें देखकर कहेगी ये दुनियाँ अगर […][...]

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