Month: June 2021

नादान मानव – संगीता कुमारी सिंहनादान मानव – संगीता कुमारी सिंह

नादान मानव प्रकृति मॉं ने कितना समझाया, सतर्क ,सावधान किया, न माना मानव, तो डराया, धमकाया, पर नादान मानव! जिद पर अड़ा हुआ है, चाँद पाने की ख्वाहिश में, धरती को खो रहा है,,,,, विकास की अंधी होड़ में, प्रतिद्वन्दिता की गंदी दौड़ में, नादान मानव! विनाश के मोड़ पर खड़ा है,,, स्वार्थी हुआ मानव, […][...]

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