Month: October 2021

शहीद ए आज़म भगत सिंह-डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवाशहीद ए आज़म भगत सिंह-डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा

  था जिगर में हौसला कि                       सिंह” सा दहाड़ था,                       जुबा में लिये  “इन्कलाब” वह मिटने को तैयार था। सुन गर्जना से हिल उठी जेल की “दीवार” थी, वह चूम रहा बेड़ियों को भर […][...]

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शिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारीशिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारी

शिक्षक की चाह मैं शिक्षक हूंँ, हाँ मैं शिक्षक हूंँ मैंने चाहा शिष्यों को शिखर तक ले जाने वाला बनूं, मैंने चाहा अपने मन में क्षमा की भावना रखूं, कमियां दूर कर उनमें आत्मविश्वास भर कर सफलता तक पहुंचाऊँ, मैंने चाहा हर पल शिष्यों पर अपना नेह, स्नेह लुटाऊँ, भविष्य की अनसुलझी, अबूझ कठिन, विपरीत […][...]

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