अ से होता अनार- अशोक कुमार-पद्यपंकज

अ से होता अनार- अशोक कुमार

Ashok

अ से होता अनार,
इसका बड़ा उपकार|
इसके सेवन से होता,
सभी रोगों का विकार||

आ से होता आम,
इसका बड़ा है काम|
फलों का है राजा,
बच्चों को आता मजा||

इ से होता इमली,
सबके मन को भाए|
इसका स्वाद है खट्टा,
बच्चो को खूब भाता||

ई से होता ईख,
रसों से होता भरपूर|
गुण और चीनी बनता,
चाभने में अच्छा लगता||

उ से होता उल्लू,
सबको दिखाएं ठुल्लू|
दिन में नहीं दिखाई देता,
रात को खूब सैर करता||

ऊ से होता ऊन,
इसका स्वेटर बून|
शरीर को गर्मी देता,
जाड़े में खूब भाता||

ए से होता है एड़ी,
शरीर का संतुलन बनाता|
मानव इसके सहारे,
दूर दूर तक चल पाता ||

ऐ से होता ऐनक,
चेहरा देखने में काम आता|
रूप सवारने में,
अपना काम निभाता||

ओ से होता ओखली,
सबके घरों में पाई जाती|
इसमें अनाज कूटकर,
अच्छे से खाई जाती||

औ से होता औरत,
बहन मां के रूप में होती|
इनके आशीर्वाद से,
सबका घर स्वर्ग से सुंदर होता||

अं से होता अंगूर,
फलों में है मशहूर|
सुख जाए तो बने किशमिश,
बच्चों को खूब भाता है||

अशोक कुमार
न्यू प्राथमिक विद्यालय भटवलिया
नुआव कैमूर

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