नूतन वर्ष की बधाई देखो फसलें लहलहा रहें, पेड़ भी हैं फलों से लदें, ये कैसी मंगल बेला आई, नूतन वर्ष की नूतन बधाई। पावन पावन पवन चले, फूलों की…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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