Site icon पद्यपंकज

हाँ मैं बिहार हूँ- भवानंद सिंह

Bhawanand Singh

Bhawanand Singh

देश का गौरव हूॅं मैं
मेरा स्वर्णिम इतिहास है,
चंद्रगुप्त मौर्य के शासन का
चाणक्य की नीति का
साक्षात मैं प्रमाण हूॅं,
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

विश्व का प्रथम लोकतंत्र
लिच्छवी गणराज्य यहाॅं,
सिकन्दर के विजय रथ को
रोकने का साहस मुझमें
बिहार का निडर संतान हूॅं
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

बुद्ध के अहिंसा का
क्षमा,शील,दान-दया का
देकर संदेश मैं
रचता इतिहास हूॅं
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

महावीर के प्रेम का
शांति के संदेश का
उनके साक्षात दर्शन का
मजबूत आधार हूॅं
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

नालंदा और विक्रमशिला
अद्वितीय शिक्षण संस्थान यहाॅं
शिक्षा का अलख जगाया
बिहार को ज्ञान केन्द्र बनाने का
निरंतर चलता अभियान हूॅं
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

गुरु गोविन्द सिंह के
साहस और बलिदान का
और उनकी वीरता का
सभी को आभास है
हाॅं मैं बिहार हूॅं।

भवानंद सिंह

‘शिक्षक’

मध्य विद्यालय मधुलता

रानीगंज, अररिया

2 Likes
Spread the love
Exit mobile version