चंदा मामा-ब्यूटी कुमारीचंदा मामा-ब्यूटी कुमारी

चंदा मामा बालक कहता है, चांद से चंदा मामा आओ ना चांदनी फैलाओ ना। अलग-अलग आकार है तेरा मुझे कहानी बताओ ना। अम्मा से कह रंग-बिरंगे कपड़े तेरे बनवाए मैंने मेरे घर आ जाओ ना कपड़े पहन दिखाओ ना। तारे को संग लाओ ना मेरे साथ खेलो ना। दिन में तुम छुप जाते हो रात […][...]

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दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’

दादा और पोते के संवाद दादा यहां तू कैसे आए, कौन ले आया तुमको। तुम बिन रहे उदास सदा, क्या एहसास है तुमको। मेरा बचपन कट जाता था, खेल-खेल कर तेरे संग में। बहुत उदास लगे है मुझको, अब न रहूँगा मैं उस घर में। बोले मम्मा डैड थे मुझको, तुम तो गए हो रिश्ते […][...]

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शरद का चाँद-नूतन कुमारीशरद का चाँद-नूतन कुमारी

शरद का चाँद आज पूर्णिमा शरद की आई, चाँद ने अपनी छटा बिखराई, गगन से अमृत बरस रहा है, प्रकृति ने भी यूँ ली अंगराई। सोलह कलाओं से युक्त चंदा, रुपहली औ मनमोहक लगते, ओढ़ तारों की भींगी चदरिया, निहारु राह तो इतराने लगते। आज खुशी से झूम उठा मन, आज की बेला अद्भुत पावन, […][...]

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मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ-मनु कुमारीमैं प्रचण्ड प्रबला हूँ-मनु कुमारी

मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ मैं अबला नहीं ! प्रचण्ड प्रबला हूँ। मैं ब्रह्मचारिणी और पतिव्रता, कहो शिव की वामांगी या जनक सुता। मैं प्रेम की जननी, हूँ जगत वंदिनी , भवप्रीता हूँ भवमोचिनी। परम तेजस्विनी मैं, अहंकारियों के अहं एवं असुरों के खड्ग को, तिनकों से मिटाने वाली ज्वाला हूँ। मैं अबला नहीं! प्रचण्ड प्रबला […][...]

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सर्दी आ रही है-मधु कुमारीसर्दी आ रही है-मधु कुमारी

सर्दी आ रही है धीरे धीरे दबे पांव सर्दी आ रही है गर्मी को अब सबक सीखा रही है गर्मी ने हमें खूब सताया सर्दी आया मजा चखाया कोहरे जमकर छा रही है देखो सर्दी आ रही है….. काँप रहे हैं ठंडी से सब दाँत करने लगे किट किट अब मुँह से भाँप निकल रही […][...]

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बौद्धिक विचारों के दूत-सुरेश कुमार गौरवबौद्धिक विचारों के दूत-सुरेश कुमार गौरव

बौद्धिक विचारों के दूत अनुभव को अपनी अभिव्यक्ति पर पूरा गर्व का यह अवसर है भाषा-शब्द और भावों के मेल से कुछ कहने का सुअवसर है। सृजन हो चाहे किन्हीं रुपों और साजों में, हृदय में झलकता है नमन इस मंच को सार्थकता लाते और हम सबसे निकटता है। शिक्षा जगत से जुड़ने वाले पारखी […][...]

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स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

नवदुर्गा पूजा मेरी स्वीकारो माता, जग-जननी जगदंबे माता। नवरूप धर मेरी प्यारी मैय्या, घर में मेरे पधारो माता। पूजा मेरी…………………. प्रथम रूप शैलपुत्री माता, हृदय बीच समाओ माता। अपनी अनुपम प्रभा से मैय्या, तन-मन निश्छल बना दो माता। पूजा मेरी…………………… द्वितीय रूप ब्रह्मचारिणी माता, ज्ञान का ज्योत जला दो माता। सन्मार्ग से हम डिग नहीं […][...]

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भजन-जैनेन्द्र प्रसाद रविभजन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

भजन तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली। कर में कंगन सोहे भाल सोहे बिंदिया, असुरों के देख तोहे आवे नहीं निंदिया। तोहर अंग-अंग सोलहो सिंगार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली।। जहां-जहां देखूं तोहर सुंदर रे मूरतिया, श्रद्धा, धूप-दीप से उतारूं रे आरतिया। […][...]

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नव शक्ति का स्तुति वंदन-दिलीप कुमारनव शक्ति का स्तुति वंदन-दिलीप कुमार

नव शक्ति का स्तुति वंदन  पूज्य संत अति पावन मीरा मिटा दुःख भव बंधन पीड़ा रवि ने निर्गुण माधव सुझाया अलख पार आत्मरूप पाया इनके पग पावन भक्ति चंदन नव शक्ति का करें स्तुति वंदन। सहजो भक्तिन की सुलभ सहजावस्था आत्मकल्याण की दुर्लभ ध्यानावस्था ईश से गुरूतर गुरु को पाया आवागमन का जिसने संताप मिटाया […][...]

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मां दुर्गा स्तुति-ब्यूटी कुमारीमां दुर्गा स्तुति-ब्यूटी कुमारी

मां दुर्गा स्तुति जय मां दुर्गा भगवती तेरी जय जयकार हो। अष्टभुजी मैया तू है खडग त्रिशूलधारी जय मां शेरावाली। नौ नौ रूप है तेरे नवदुर्गा कहलाती हो। प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा जय मां दुर्गा भगवती तेरी जय जयकार हो।🙏 पंचम स्कंदमाता षष्ठ कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी नवम सिद्धिदात्री माता […][...]

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