शीर्षक :-“हलाहल बनती शक्ति”- उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक” सत्य पर पर्दा न डालो, सत्य ही ईश्वर है, यह[...]
हम महिलाएँ भी किसी चाँद से कम नहीं – रिंजु कुमारी हम महिलाएँ भी किसी चाँद से कम नहीं – रिंजु कुमारी
हम महिलाएँ भी किसी चाँद से कम नहीं – रिंजु कुमारी कुछ चाँद आसमान में चमकते हैं, कुछ चाँद[...]
अध्यात्म और विज्ञान -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।अध्यात्म और विज्ञान -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
🌺 अध्यात्म और विज्ञान 🌺-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। ऋषियों ने जो ध्यान में देखा, प्रयोगशाला मानती, परम सत्य जो विष्णु पुराण[...]
नारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमारनारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमार
नारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमार नारी की आवाज़ – समानता का शंखनाद रचनाकार एवं[...]
कृष्ण का आश्वासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।कृष्ण का आश्वासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
कृष्ण का आश्वासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। करते चलो कर्तव्य तुम, फल की न मन में चाह हो, अधिकार[...]
यात्रा का आनंद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।यात्रा का आनंद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
यात्रा का आनंद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। लकीरें हाथ की धुंधली, भाग्य का पता क्या है? जो कल होना[...]
कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्- राम किशोर पाठककृष्णेशं प्रणमाम्यहम्- राम किशोर पाठक
कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्। कमलावल्लभाकारं कमलाकरपूजितम्। कमलानन्दसम्पन्नं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलामुखपद्मार्कं कमलाश्रितविग्रहम्। कमलालङ्कृताकारं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलासनसंसेव्यं कमलोदरदीपनम्। कमलाकरपाशाढ्यं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।।[...]
गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
गलत कुछ खप जाने दो। रोला छंद आया जब परिणाम,भाग्य ने खेल बिगाड़ा। थी दोपहरी धूप,लगी राहुल को जाड़ा।। बैलट[...]
धैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धैर्य का मीठा फल एक दिन ठंडी और मंद पवन, बहती हुई आई पाकर मन। छुआ बीज को ऐसे[...]
लघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमारलघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमार
“लघु तन, विराट संकल्प” एक जंगल में छोटी सी चींटी रहती थी, मेहनत की वो हरदम मीठी धुन कहती थी।[...]
