पद्यपंकज - Teachers of Bihar- The Change Makers

शुभागमन-विवेक कुमार

शुभागमन निश्छल चंचल मन, आंखों में संजोएं, सपनों की उमंग, फंख फैलाए भरने को गगन की उड़ान, नव आगंतुकों हेतु सज चुका है, शिक्षा का दरबार, आइए पधारिए हमारे भविष्य…

माँ दुर्गा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

माँ दुर्गा दुर्गतिनाशिनी माँ दुर्गा की, होती जय-जयकार। आदिशक्ति जगदंबा की है, महिमा अपरंपार।। निर्मल मन से जग जननी के, करें विमल-गुणगान। सद्विचार श्रद्धा अर्चन से, पाएँ शुभ वरदान।। नेह…

वीर बन, युद्ध कर-मधु कुमारी

वीर बन, युद्ध कर ——————— स्थिति परिस्थिति कितने भी हो प्रतिकूल तुम अपनी आत्म शक्ति पहचान, मत भूल चाहे राह में हो अनेकों…….. शूल ही शूल तू युद्ध कर, उड़ा…

होली-गिरिधर कुमार

होली आई है सच में फिर अबकी बार, फिर सजायेंगे हम रंगों की बारात, खुद के कूचे से बनायेंगे, रंगों में डूबे हंसते चेहरे, कुछ मेरी तरह, कुछ तुम्हारी तरह,…

होली-मनु कुमारी

होली मधुऋतु देखो आई, अली मन खुशी लाई, पिया संग खूब हम, प्रेम गीत गायेंगे। गुलाल अबीर रंग, खेलेंगे प्रीतम संग, पकवान मजे लेके, खूब हम खायेंगे। पौराणिक कथा कहे,…

दोहावली-देव कांत मिश्र

दोहावली फागुन भावन जब सरस, घुलते प्रेमिल रंग। पावन पूनम प्यार में, दिखती नई उमंग।। खेलें होली प्यार से, करें नहीं हुड़दंग। प्रेम भाव में है छुपी, अद्भुत नवल तरंग।।…

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