बिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंह

बिहार दिवस। हरि गीतिका छंद में। रुकता नहीं बढ़ता सदा रथ,नव नवीन बिहार है। जो पूर्व-उत्तर में अवस्थित,देश का श्रृंगार है।। उत्तर-दिशा में है हिमालय,मध्य गंगा बह रही। मौरंग से…

दोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठक

दोहा रचना कीजिए – एक प्रयास दोहा रचना जब करें, रखिए इतना ध्यान। मात्रा गिनती स्वर सभी, व्यंजन का न विधान।।०१।। गुरु स्वर की मात्रा सदा, गिनना दो है भार।…

फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार

फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार चाईनीज खाना चाईनीज प्यार फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार शिक्षा जब बनी व्यापार जिसका न कोई परिवारिक सरोकार फिर कैसे मिले बच्चों में…

करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी।  महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन गई कड़ी सजा की अधिकारी। देवराज इंद्र की छल की…

परीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानी

परीक्षा केअ एलै बहार बहार मेरी सखिया बच्चा सेअ शोभै स्कूल हमार हमार मेरी सखिया परीक्षा —2। पहिले बच्चा अपन नाम लिखै, बाद में स्कूल, प्रखंड, जिला के नाम लिखै…