Dharmendra Kumar Thakur

कुंदन” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कुंदन” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 7:52 pm

“कुंदन” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  यदि चमक जगत में पाना है, तो अंगारों पर चलना होगा, बनकर कुंदन इस दुनिया[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

सुर, ताल और नर्तन की दिव्य धारा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।सुर, ताल और नर्तन की दिव्य धारा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।

0 Comments 7:46 pm

सुर, ताल और नर्तन की दिव्य धारा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। गौहर जान की गर्वीली तान से गूंजा अंबर सारा,[...]

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Dhiraj Kumar

मुझे चांद पर जाना है-धीरज कुमार सिंह मुझे चांद पर जाना है-धीरज कुमार सिंह 

0 Comments 6:54 pm

 मुझे चांद पर जाना है मां एक एरोप्लेन दिला दो, मुझे चांद पर जाना है। कहती हो मेरे मामा हैं,[...]

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Umesh kumar sinha

ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 6:53 pm

ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा  जिज्ञासु हैं पढ़ने वाले, कविता मेरी ज्ञान की नशाशाला, अक्षर-अक्षर बोध यहाँ है,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

श्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरश्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 6:42 pm

श्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना कार्तिक शुक्ल चतुर्थी सुंदर, नहाय-खाय से व्रत आरंभ, पंचमी को खरना का प्रसाद, मिटते सारे[...]

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छ्ठ मैया की महिमा निराली – आशीष अम्बरछ्ठ मैया की महिमा निराली – आशीष अम्बर

0 Comments 6:38 pm

छ्ठ मैया की महिमा निराली  खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]

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दीपावली का त्योहार मनायें -आशीष अम्बरदीपावली का त्योहार मनायें -आशीष अम्बर

0 Comments 6:30 pm

दीपावली का त्योहार मनायें  अज्ञानता का अब तिमिर मिटाकर , ज्ञान का अभिनव प्रकाश फैलाएँ । घर – द्वारों को[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

समय के उस पार- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसमय के उस पार- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 6:24 pm

समय के उस पार घड़ी की टिक-टिक से बहुत दूर, जहाँ न ढलती शाम है, न उगता सूरज, न कल[...]

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ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

0 Comments 10:05 pm

शीर्षक :- ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ किसने खींची लकीर यहाँ, किसने बाँटे आँगन[...]

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जब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हाजब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:58 pm

“जब शरारत ने रट लिया सबक” – उमेश कुमार सिन्हा  सबक याद करने की बारी आए, बच्चे कन्नी काटते हैं,[...]

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