परोपकार – बेबी अर्चना परपीर से जब द्रवित न हो हिय वो मानव संवेदनहीन कहलाए परमार्थ ही है धन अनमोल[...]
सच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमारसच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमार
“सच बोलो, आगे बढ़ो” – कार्तिक कुमार दिल को खोलो, सच-सच बोलो, मीठे-मीठे शब्द तुम बोलो। सुबह उठकर शिक्षा से[...]
आद्य गुरुओं की महिमा – चंद्रकांत कुमारआद्य गुरुओं की महिमा – चंद्रकांत कुमार
आद्य गुरुओं की महिमा – चंद्रकांत कुमार सृष्टि के प्रथम आदि गुरु ‘सत्यम शिवम सुंदरम’; कला योग तंत्र अस्त्र शस्त्र[...]
ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमीताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी
ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी है अंधेरों में रौशनी उम्मीद सच में होती है जिंदगी उम्मीद आस जब जब[...]
जिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धनजिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धन
जिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धन जो नहीं उसे पाने की जिद है मुझे, रोज़-रोज़ आईने से टकराने की जिद[...]
अक्षर सेअ जोड़लौ पिरितिया – नीतू रानीअक्षर सेअ जोड़लौ पिरितिया – नीतू रानी
अक्षर सेअ जोड़लौ पिरितिया – नीतू रानी काम धाम करि हमें पढ़लौं हे सखिया मानअ हमर तूँ बतिया। मानअ हमर[...]
होनहारहोनहार
होनहार विद्यालय की घंटी अब सुबह-सुबह पुकारती है, नींद भरी आँखों में भी नई राह सँवारती है। बिस्तर से उठते[...]
हां.. हम हैं आज के शिक्षक।हां.. हम हैं आज के शिक्षक।
हम हैं… आज के शिक्षक पाठ पढ़ाते नहीं केवल, हम बच्चों को सीखना सिखाते हैं, उन्हें प्रश्नों के उत्तर नहीं,[...]
बेटी है मेरा अभिमानबेटी है मेरा अभिमान
“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]
माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?
कविता- (माॅ!)तूॅ क्यों? गगन की सितारा हो गई । -नूतन झा । जुगनुओं के महफिल की, तूॅ एक तारा हो[...]
