वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार

जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य  जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा  वही है भारत देश हमारा। जहाँ भगवान बुद्ध ने पाया…

कलम -रामपाल प्रसाद सिंह

कलम । मनहर घनाक्षरी शब्द-शब्द जड़कर,छंद चंद लिखकर, कागज जो कार करे, कलम बेचारी है। चलाती निशाने तीर,बदलती तकदीर, तोडी़ गुलामी जंजीर, यह सदाचारी है। मानस में भाव फले,कलम की…

पायल रामकिशोर पाठक

पायल- कहमुकरी हर स्वर कानों को प्रिय लगता। सुनते ही जैसे चित ठगता।। हो जाती मेरा दिल घायल। क्या सखि? साजन! न सखी! पायल।।०१।। भाता तन से लिपटे रहना। आलिंगन…

होली का रंग-कार्तिक कुमार

बच्चों, बुद्ध, महिला, पुरुष, युवती-युवक सब मिलें भरपूर। होली का रंग सबको भाए, प्रेम का संदेश जग में फैलाए। नन्हे बच्चे हँसते-गाते, पिचकारी से रंग बरसाते। युवक-युवती झूम-झूम गाएँ, मित्रों…