डायरिया से डर नही, अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा डायरिया का बाप। अगल- बगल की करो सफाई, न खाना…
मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल
मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव का है। बर्ताव ऐसा करते हैं कि देखे न सुहाय,…
वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार
जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा वही है भारत देश हमारा। जहाँ भगवान बुद्ध ने पाया…
कलम -रामपाल प्रसाद सिंह
कलम । मनहर घनाक्षरी शब्द-शब्द जड़कर,छंद चंद लिखकर, कागज जो कार करे, कलम बेचारी है। चलाती निशाने तीर,बदलती तकदीर, तोडी़ गुलामी जंजीर, यह सदाचारी है। मानस में भाव फले,कलम की…
देखो बसंत है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
देखो बसंत है। देखो बसंत आया मीठी मीठी ठंड है, फाग धुन गा रहा क्यों देखो मकरंद हैं। हवा बासंती यह लाई अब सुगंध है, मन के मयूर देख नाचे…
पायल रामकिशोर पाठक
पायल- कहमुकरी हर स्वर कानों को प्रिय लगता। सुनते ही जैसे चित ठगता।। हो जाती मेरा दिल घायल। क्या सखि? साजन! न सखी! पायल।।०१।। भाता तन से लिपटे रहना। आलिंगन…
उड़ी वासंती खुशबू -आशीष अम्बर
विधा – कविता उड़ीं वासंती खुशबू । पीत वसन ओढ़े धरा, अंबर दिखता लाल , टेसू सरसों खिल गए , मौसम बदले चाल । तन चढ़ता आनंद है, मन वासंती…
होली आई -ब्यूटी कुमारी
होली आई होली आई होली आई, खुशियों की सौगात लाई। रंगों की बौछार लाई, सबको हमने गुलाल लगाई। पूआ और मिठाई खाई, होली आई होली आई, खुशियों की सौगात लाई।…
कुत्ते पाल रहे-नीतू रानी
लोग माता -पिता को अपने घर में दुत्कार रहे , खरीद कर लाए शौक से कुत्ते पाल रहे। माता- पिता को समय पर नही देते खाना, कुत्ते को अच्छा खाना…
होली का रंग-कार्तिक कुमार
बच्चों, बुद्ध, महिला, पुरुष, युवती-युवक सब मिलें भरपूर। होली का रंग सबको भाए, प्रेम का संदेश जग में फैलाए। नन्हे बच्चे हँसते-गाते, पिचकारी से रंग बरसाते। युवक-युवती झूम-झूम गाएँ, मित्रों…