कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्। कमलावल्लभाकारं कमलाकरपूजितम्। कमलानन्दसम्पन्नं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलामुखपद्मार्कं कमलाश्रितविग्रहम्। कमलालङ्कृताकारं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।। कमलासनसंसेव्यं कमलोदरदीपनम्। कमलाकरपाशाढ्यं कृष्णेशं प्रणमाम्यहम्।।[...]
गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ गलत कुछ खप जाने दो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
गलत कुछ खप जाने दो। रोला छंद आया जब परिणाम,भाग्य ने खेल बिगाड़ा। थी दोपहरी धूप,लगी राहुल को जाड़ा।। बैलट[...]
धैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधैर्य का मीठा फल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धैर्य का मीठा फल एक दिन ठंडी और मंद पवन, बहती हुई आई पाकर मन। छुआ बीज को ऐसे[...]
लघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमारलघु तन, विराट संकल्प – धर्मेंद्र कुमार
“लघु तन, विराट संकल्प” एक जंगल में छोटी सी चींटी रहती थी, मेहनत की वो हरदम मीठी धुन कहती थी।[...]
विविधता में एकता – रिंजु कुमारीविविधता में एकता – रिंजु कुमारी
विविधता में एकता भाषाएँ अनेक, वेशभूषा अनेक, फिर भी एक पहचान है, विविध रंगों से सजा भारत, हमारी शान[...]
कागज के फूल _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकागज के फूल _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
कागज के फूल कागज़ के जो फूल हैं, सुंदर दिखते आज। खुशबू इनमें है नहीं, फीका सारा काज।। चेहरे पर[...]
धुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
“धुंध और सूरज” मन की थकी परछाईं है यह, केवल पल की तन्हाई। यह कोई स्थाई हार नहीं, मत मानो[...]
शहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानीशहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानी
शहीद महाराणा प्रताप। विषय -वीर गाथा 6.0 शीर्षक -राणा प्रताप को पढ़ लेना। महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदय सिंह[...]
दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक “दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक “
शीर्षक :- दीपों का उत्सव तभी सुहाए, जब कूड़ेदान को उपहार मिले। – उमेश कुमार सिन्हा ” “निर्देशक ” दीपोत्सव[...]
सुहाग का पर्व: करवा चौथ_धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसुहाग का पर्व: करवा चौथ_धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
सुहाग का पर्व: करवा चौथ व्रत करवा चौथ का पावन, प्रेम का यह पर्व महान, रखती हैं सुहागिनें देखो, पति[...]
