मुझे चांद पर जाना है मां एक एरोप्लेन दिला दो, मुझे चांद पर जाना है। कहती हो मेरे मामा हैं,[...]
ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा
ज्ञान की नशाशाला – उमेश कुमार सिन्हा जिज्ञासु हैं पढ़ने वाले, कविता मेरी ज्ञान की नशाशाला, अक्षर-अक्षर बोध यहाँ है,[...]
श्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरश्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
श्रद्धा, शुचिता और सूर्य उपासना कार्तिक शुक्ल चतुर्थी सुंदर, नहाय-खाय से व्रत आरंभ, पंचमी को खरना का प्रसाद, मिटते सारे[...]
छ्ठ मैया की महिमा निराली – आशीष अम्बरछ्ठ मैया की महिमा निराली – आशीष अम्बर
छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]
दीपावली का त्योहार मनायें -आशीष अम्बरदीपावली का त्योहार मनायें -आशीष अम्बर
दीपावली का त्योहार मनायें अज्ञानता का अब तिमिर मिटाकर , ज्ञान का अभिनव प्रकाश फैलाएँ । घर – द्वारों को[...]
समय के उस पार- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसमय के उस पार- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
समय के उस पार घड़ी की टिक-टिक से बहुत दूर, जहाँ न ढलती शाम है, न उगता सूरज, न कल[...]
ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘
शीर्षक :- ज्ञान के आँगन में भेद कैसा? -उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ किसने खींची लकीर यहाँ, किसने बाँटे आँगन[...]
जब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हाजब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हा
“जब शरारत ने रट लिया सबक” – उमेश कुमार सिन्हा सबक याद करने की बारी आए, बच्चे कन्नी काटते हैं,[...]
मर्यादा का मोती_धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।मर्यादा का मोती_धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
मर्यादा का मोती सहज प्रकृति का अनुपम गहना, जीवन का यह शाश्वत सार, मन, मोती और दूध-रस का, सुंदर पावन[...]
भारत की अमर धरोहर – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरभारत की अमर धरोहर – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भारत की अमर धरोहर – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर विविध रूप और रंग हैं, एक कहानी मान। पावन भारत भूमि की,[...]
