गर्मी- हास्य-व्यंग्य कुंडलियां गर्मी भीषण पड़ रही, सूरज हुए प्रचंड। व्याकुल सारे लोग हो, खोज रहे हैं ठंड।। खोज रहे[...]
किताब -आशीष अम्बरकिताब -आशीष अम्बर
शीर्षक – किताब । सब चीजों सबसे प्यारी, होती है किताब । उलझे – उलझे हर सवाल का, देती है[...]
आओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठकआओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठक
आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण बचायें – सार छंद गीत धरा श्यामली कुंठित रहती, मिलकर उसे हसायें। आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण[...]
पुस्तक- रामकिशोर पाठकपुस्तक- रामकिशोर पाठक
पुस्तक- गीता छंद गीत २२१२-२२१२, २२१२-२२१ पुस्तक सदा वरती हमें, शुभ ज्ञान का आधार। है मित्र सच्चा मान लो, सपना[...]
किताबें – रुचिकाकिताबें – रुचिका
किताबें दर्द में मरहम सी, तन्हाई में सच्ची साथी, खुशियों में साथ रहकर ये अपने होने का एहसास कराती। किताबें[...]
लड़ी रह गई – रामकिशोर पाठकलड़ी रह गई – रामकिशोर पाठक
लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]
परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा
परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमारक्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमार
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम ? वो पीपल की ठंडी छाँव, अब बस यादों में बसती है, विकास के[...]
एक दिन बिना बिजली – विकास कुमार सावएक दिन बिना बिजली – विकास कुमार साव
एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]
साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक
तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]
