कार्तिक की वह सघन अमावस, अज्ञान का छाया था डेरा, पर यम के द्वारे चमक रहा था, नचिकेता का बाल-सवेरा।[...]
तत्व-काया-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरतत्व-काया-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पंच तत्व से बनी है काया, जिसने सारा संसार रचाया। पृथ्वी की गोदी, जल की धारा, अग्नि का तेज, वायु[...]
कलम के कर्मवीरों का गौरवगान-उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक “कलम के कर्मवीरों का गौरवगान-उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक “
यह शब्दों का वैभव नहीं, संस्कृति का अभिमान है, पद्यपंकज की साधना, साहित्य का जयगान है। अमितेश की वाणी में[...]
अकेलापन-रिंजु कुमारीअकेलापन-रिंजु कुमारी
अकेलापन मन की उदासी है, एकांत स्वयं से मुलाकात, एक में होती है अपनों की कमी, दूजे में खुद से[...]
शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर गुनगुनी धूप का मीठा साया, लो सर्दी का मौसम आया। दिन छोटे[...]
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सम्’ उपसर्ग व ‘भाषण’ मिले, बने शब्द अनमोल। सम्यक सुंदर बातचीत, मिश्री जैसे बोल॥ दो[...]
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारीमैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी मैं फलक हूँ, तू चाँद मेरा, तुझसे ही रोशन संसार मेरा।[...]
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारीसद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी सब मिलकर एक दीप जलाएं अपने अन्तर्मन की द्वेष मिटाए निर्बलों, असहायों को आस[...]
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारीसब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी खेतों ने ओढ़ ली है धानी चादर भूमिपुत्र भी मंद मंद मुस्कुरा[...]
दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारीदीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी
दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी आई दीपावली की रात लाई खुशियों की सौगात हर घर आंगन दीप जले[...]
