Subala Kumari

मां की पुकार सुबाला कुमारीमां की पुकार सुबाला कुमारी

0 Comments 11:10 pm

करूँ मैं वंदना कब से, विराजो इस हृदय में मां, अकिंचन जानकर माता, हमें क्यों भूल जाती हो। संभालो अब[...]

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जितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्वजितिया- माँ के प्रेम और ममता का पर्व

0 Comments 6:13 pm

माँ के आँचल में पलता, संतान का हर एक संसार, उसकी खुशियों की खातिर माँ, सह लेती हर दुख अपार।[...]

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Mritunjay Kumar

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमारआओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमार

0 Comments 1:56 pm

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ, बापू के सत्य-अहिंसा के मार्ग अपनाएँ। राष्ट्रपिता हम जिन्हें कहते, सबके दिलों में वे ही रहते।[...]

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धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:11 am

जीभ का स्वाद और बेडौल शरीर स्वाद के चक्कर में फंसकर, शरीर हुआ आज बेडौल। पिज़ा, बर्गर, चाउमीन खाकर, बिगाड़[...]

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हम शिक्षक हैं खुशबू कुमारीहम शिक्षक हैं खुशबू कुमारी

0 Comments 8:57 am

हम शिक्षक हैं ज्ञान का दीप जलाने वाले, हर जीवन को महकाने वाले। अंधियारे पथ पर खुद चलकर, सच्ची राह[...]

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Rinju Singh

क्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारीक्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारी

0 Comments 8:56 am

कागज़ों पर लिखकर अहिंसा, क्या सच में हम बदल पाए हैं? हिंसा तो हर ओर दिखाई देती, फिर किस बात[...]

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जंग अभी बांकी है -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरजंग अभी बांकी है -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:49 am

दशकों बीते, सदियां बदलीं, पर जंजीरें चटक न पाईं, महलों में शहनाई गूंजी, कुटिया में परछाईं आई। तुम कहते हो[...]

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