बिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठक

बिकें किताबें तौलकर, कूड़े वाली भाव। देख साहित्य की दशा, मन में होती घाव।। पुस्तक हैं साहित्य के, लिए ज्ञान भंडार। मोबाइल में भूलकर, खोया यह संसार।। लिखते हम साहित्य…

रमजान – कुमारी रूपरानी 

पाक महीना है रमजान। चलो करें आत्म शुद्धि पर ध्यान।। तरावीह की नमाज़ पढ़ कर। शुरू करो नेक और निश्चल काम।। इस पाक महीना मे कभी ना करना तुम अपमान।…

विकास पुरुष-मनु कुमारी

बिहारक जनता अखन रोई रहल छनि नयन सँ झहरैत अछि बस नीर, इस्तीफा द कऽ अहां जाइ रहल छी, हे विकास पुरुष ! बड़ देलहुं पीर। जखन अन्हार घेरने छल…

मेरा संकल्प – मोहम्मद आसिफ इकबाल 

मैं सागर से भी गहरा हूँ तुम कितने पत्थर फेंकोगे ? चुन-चुनकर सारे पत्थर को मैं नई डगर बनाऊंगा, नित-नए कदम बढ़ाऊँगा, बढ़ता ही चला जाऊंगा। बोलो मेरी राहों में,…

रंगों का त्यौहार -मनु कुमारी

रंगों का त्योहार होली है रंगों का त्योहार , रंगों से रंगा सारा संसार l गुलाल की महक संग रिश्तों का प्यार, मिले सबको सचमुच खुशियां अपार। नफ़रत, ईर्ष्या, द्वेष,…

होली का त्यौहार -नीतू रानी

व शीर्षक-होली का त्योहार होली है हिन्दुओं का त्योहार लोग लगाते हैं एक-दूसरे के गालों में रंग गुलाल, खाते हैं सब पुआ और खीर गाते हैं जोगीरा सारा रा रा।…

होली -रामपाल प्रसाद सिंह

वंदनवार सजे शारदा जोगीरा सा र रररररररर कुंडलिया होली मन-ऑंगन को रंग दो,भर दो दिल में प्यार। हरे-भरे संसार में,स्वर्ग लगे निस्सार।। स्वर्ग लगे निस्सार,धूम होली जो आई। दौड़ रहे…

होली के उत्साह में -रामकिशोर पाठक

होली के उत्साह में- दोहा छंद गीत होली के उत्साह में, मैंने पी ली भंग। शाम ढले घर भूलकर, मिला पड़ोसन संग।। जोगीरा सर ररर गोरा मुखड़ा देखकर, मैंने मला…