भक्ति पुष्प फुलवारी महके, हरि आते हर्षाए। असुर राज बलि के ही द्वारे, हरि वामन बन आए।। प्रहलाद भक्त पुत्र विरोचन, हरि का ध्यान लगाया। अश्वमेध सौ यज्ञ किया वह,…
मानवता जो जीवित मन में-राम किशोर पाठक
मानवता जो जीवित मन में, उत्तम हर व्यवहार। भरा रहे मन खुशियों से, हर जीवों से प्यार।। सरल नहीं है मानव रहना, जिस मन रहता क्रोध। नहीं समस्या जबतक खुद…
चैत्र पावन मास है-राम किशोर पाठक
चैत्र पावन मास है। माँ बता क्यों खास है।। नेह से माँ लाल को। चूम उसके भाल को।। आज है बतला रही। राज है समझा रही।। वर्ष की शुरुआत है।…
परीक्षा-नैना कुमारी
खेलकूद में नहीं बिताना बच्चों अपना पूरा साल आएगा मार्च होगी परीक्षा होगा तेरा बूरा हाल गणित के प्रश्न पत्र में होंगे ऐसे टेढ़े मेढे सवाल हिंदी में भी होगा…
वामन अवतार- राम किशोर पाठक
नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार। हरने भूतल भार को, प्रकट हुए संसार।। गंगा तट बक्सर शुभद, सिद्धाश्रम स्थान। अदिति गर्भ उत्पन्न हो, लिए नया पहचान।। कश्यप ऋषि के…
अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक
वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम। वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।। महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव। खण्डेराव संगिनी प्यारी, माहेश्वर थी ठाँव।। सीमाओं के बाहर तक…
कृपा करो प्रदान माँ-राम किशोर पाठक
कृपा करो प्रदान माँ। मिले नया विहान माँ।। निदान भूल का करो। विकार शूल को हरो।। विचार शुद्धता भरो। प्रगाढ़ दिव्यता वरो।। गिरा उदार मान माँ। कृपा करो प्रदान माँ।।०१।।…
अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक
अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान में धरे अनंग। अंग-अंग प्रेम रंग।।०१।। श्याम बोलते निहार। राधिका…
गीता का संदेश -गिरीन्द्र मोहन झा
श्रीकृष्ण कहते, तुझमें शक्ति है, तू परंतप, महाबाहो, महावीर है, तू पार्थ, ईश्वर का पवित्र अंश, गुडाकेश, साहसी, परम धीर है, कर्तापन का अभिमान छोड़, मेरे कार्यों में निमित्तमात्र बनता…
कैसे आए शांति -रामकिशोर पाठक
कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए कैसे शांति।। सभी जहाँ हैं सीना तानें, बनता खुद सिरमौर।…