ताड़ासन सीधे खड़े हो तन को तानो, ताड़ वृक्ष सा रूप बनाओ। दोनों हाथ ऊपर ले जाकर, आकाश की ओर[...]
वृक्षासन -कार्तिक कुमारवृक्षासन -कार्तिक कुमार
वृक्षासन एक पैर पर खड़े हो जाओ, वृक्ष समान संतुलन पाओ। दूसरा पैर जंघा पर रखकर, हाथ जोड़ ध्यान लगाओ।[...]
भद्रासन -कार्तिक कुमारभद्रासन -कार्तिक कुमार
भद्रासन भद्रासन में बैठो प्यारे, दोनों तलवे साथ मिलाओ। घुटनों को बाहर फैलाकर, रीढ़ सीधी रख दिखलाओ। धीरे-धीरे श्वास चलाओ,[...]
जीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झाजीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झा
जीवन और मृत्यु जीवन जीवन ही होता है, जीवन का ध्येय भी जीवन होता है, जन्म-मृत्यु के है जीवन कर्म-प्रधान,[...]
विश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झाविश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झा
विश्व ब्राह्मण दिवस गायत्री-जप, सन्ध्या-वन्दन है परम कर्त्तव्य तुम्हारा, निरंतर सीखना, उसे योग्य लोगों में बांटना है कर्म तुम्हारा, धर्म[...]
पुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंहपुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंह
शीर्षक:- पुरवाई आई,गर्मी घबराई। पछुआ पवन पाँव,रौंद दिया गाँव-गाँव, बढ़ गया काँव-काँव ,चैन नहीं छाँव में । प्रभु ने लिखा[...]
दो जून की रोटियां – मनु कुमारीदो जून की रोटियां – मनु कुमारी
दो जून की रोटियां यूं हीं नहीं मिलती दो जून की रोटियां, पूछो उन गरीबों से, लाचारों से और जरूरतमंदों[...]
शिक्षा में नवाचार-रवि कुमार शिक्षा में नवाचार-रवि कुमार
आओ हम सब मिल कर करें थोड़ा विचार, चलो शिक्षा में करते हैं कुछ नवाचार। समाज में बनाता ना किसी[...]
मानव कल्याण की गाथा-कार्तिक कुमारमानव कल्याण की गाथा-कार्तिक कुमार
अष्टांग हृदयम अमृत धारा, आयुर्वेद का दिव्य सितारा। ऋषियों का अनुपम यह ज्ञान, जीवन देता नव सम्मान। दिनचर्या का सुंदर[...]
ऋग्वेद में अमृत ज्ञान-कार्तिक कुमारऋग्वेद में अमृत ज्ञान-कार्तिक कुमार
खाली समय में ऋग्वेद पढ़ें, ज्ञान सुधा से मन को गढ़ें। ऋषियों की वाणी अमृत बनकर, जीवन में नवदीप जलाएँ।[...]
