श्री राधाकृष्णनश्री राधाकृष्णन

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श्री राधाकृष्णन   सन् अट्ठारह सौ अट्ठासी पांच सितंबर दिवस था; राधाकृष्णन जी का जब हुआ अवतरण था।   तमिलनाडु[...]

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प्रकृति की रक्षा करेंप्रकृति की रक्षा करें

0 Comments 10:22 am

हरी-भरी धरती की रक्षा, जो दिन-रात करे, प्रकृति के प्रहरी बनकर, संकट से वह नहीं डरे। पेड़-पौधे और नदियाँ-पर्वत, जिसकी[...]

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विद्या और गुरु का महत्वविद्या और गुरु का महत्व

0 Comments 7:25 am

विद्या और गुरु का महत्व गुरु कुम्हार है, शिष्य कुम्भ है, गढ़ता रूप अनूप, घड़-घड़ काढ़े खोट को, देकर ज्ञान[...]

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माटी के बोली,मन के हिंदीमाटी के बोली,मन के हिंदी

0 Comments 7:20 am

*माटी के बोली, मन के हिन्दी* मइया के ममता जइसन, मीठ हई हमर बोली, गाँव के गली-गली में, गूँजे रस[...]

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