खेलकूद में नहीं बिताना बच्चों अपना पूरा साल आएगा मार्च होगी परीक्षा होगा तेरा बूरा हाल गणित के प्रश्न पत्र में होंगे ऐसे टेढ़े मेढे सवाल हिंदी में भी होगा…
वामन अवतार- राम किशोर पाठक
नारायण निज अंश से, ले वामन अवतार। हरने भूतल भार को, प्रकट हुए संसार।। गंगा तट बक्सर शुभद, सिद्धाश्रम स्थान। अदिति गर्भ उत्पन्न हो, लिए नया पहचान।। कश्यप ऋषि के…
अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक
वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम। वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।। महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव। खण्डेराव संगिनी प्यारी, माहेश्वर थी ठाँव।। सीमाओं के बाहर तक…
कृपा करो प्रदान माँ-राम किशोर पाठक
कृपा करो प्रदान माँ। मिले नया विहान माँ।। निदान भूल का करो। विकार शूल को हरो।। विचार शुद्धता भरो। प्रगाढ़ दिव्यता वरो।। गिरा उदार मान माँ। कृपा करो प्रदान माँ।।०१।।…
अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक
अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान में धरे अनंग। अंग-अंग प्रेम रंग।।०१।। श्याम बोलते निहार। राधिका…
गीता का संदेश -गिरीन्द्र मोहन झा
श्रीकृष्ण कहते, तुझमें शक्ति है, तू परंतप, महाबाहो, महावीर है, तू पार्थ, ईश्वर का पवित्र अंश, गुडाकेश, साहसी, परम धीर है, कर्तापन का अभिमान छोड़, मेरे कार्यों में निमित्तमात्र बनता…
कैसे आए शांति -रामकिशोर पाठक
कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए कैसे शांति।। सभी जहाँ हैं सीना तानें, बनता खुद सिरमौर।…
बीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठक
चैत्र- राधिका छंद गीत बीत गया फागुन माह, चैत है आया। महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।। नूतन आता है वर्ष, लता हर्षाती। शीत उष्ण मिलकर संग, फूर्ति है…
यही है सार जीवन का -एस. के. पूनम
विधा:-विधाता छंद। (यही है सार जीवन का) यहाँ सीखा, रहो मिलकर, न जीओ तुम, निराशा में। पढ़ी सरगम, उमंगों की, न घबराया, हताशा में।। कभी मुड़कर,न देखा प्रिय, जिसे मैं…
जीत का उत्सव-राम किशोर पाठक
जहाँ जीत है मिलता हमको, उत्सव में हम-सब खोते। कभी हार जब गले लगाती, नजर झुकाए हम रोते।। हार-जीत दोनों ही हमको, सीख सदा सबको देती। जीवन का बन अंग…