Girindra Mohan Jha

जीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झाजीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झा

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कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनें हम, सदा-सर्वदा स्वयं के प्रति ईमानदार बनें हम, जीना इसी का नाम है। प्रगति पथ पर,[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

नन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजाननन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजान

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विद्यालय के बाग बगीचे।आओ हम सब मिलकर सींचे। मुन्नी-मुन्ना कोमल प्यारे।आँगनबाड़ी के हैं सारे।। इनको कक्षा में ले जाओ।ज्येष्ठ तुम्हीं[...]

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मजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवाल

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वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से दूर किसी अनजान[...]

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बस यूं ही-विजय शंकर ठाकुरबस यूं ही-विजय शंकर ठाकुर

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गाय -बैलों को भूलकर, कुत्ते के पीछे भागते, गंवार से संभ्रांत बनने की चाहत में। भूलते बिसरते अतीत ! खुले[...]

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ज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमारज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमार

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ज्ञान का दीप जलाता शिक्षक, फिर भी दुख ही पाता शिक्षक। बच्चों को उजियारा देता, अपने मन को समझाता शिक्षक।[...]

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शिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमारशिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमार

0 Comments 10:33 pm

शिक्षा का मंदिर न्यारा है, ज्ञान जहाँ का उजियारा है। यहाँ संस्कारों की गंगा बहती, जीवन की हर राह सँवरती।[...]

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