मुक्तक (आधार छंद-स्रग्विणी) – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ आज दीपावली है मजा लीजिए। दीप थोड़े जले हैं सजा दीजिए। पास[...]
दीपावली का असली अर्थ – रिन्जु कुमारीदीपावली का असली अर्थ – रिन्जु कुमारी
दीपावली का असली अर्थ – रिन्जु कुमारी दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, न ही घर की सफाई का नाम[...]
दीप जलाएं – सविता सिंहदीप जलाएं – सविता सिंह
दीप जलाएं – सविता सिंह उम्मीदों के दीप बने हम , मिटे मूढ़ता का अंधियारा। ज्ञान – ज्योति हम लेकर[...]
दीपवा के नेह – सुनील कुमार प्रजापतिदीपवा के नेह – सुनील कुमार प्रजापति
दीपवा के नेह – सुनील कुमार प्रजापति मगही कविता – स्वरचित एवं मौलिक रचना अँगना-अँगना दीप जरइले, चमके गाँव-गिराम,[...]
“ज़िम्मेदारियों का बोझ” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।“ज़िम्मेदारियों का बोझ” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
“ज़िम्मेदारियों का बोझ” – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। खो जाता है अस्तित्व कहीं, अपनों की खातिर रोने में, सिसक-सिसक कर आयु[...]
विवेक का विसर्जन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।विवेक का विसर्जन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।
विवेक का विसर्जन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर। शांत चेतना के सागर में, उठता एक बवंडर है, दिखता है जो[...]
मिट्टी के घरौंदों से बिजली के झालरों तक’ दीपावली – उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक ” मिट्टी के घरौंदों से बिजली के झालरों तक’ दीपावली – उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक ”
शीर्षक :- 🪔मिट्टी के घरौंदों से बिजली के झालरों तक’ दीपावली – उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक “ दीपावलीआईहै,दीपावलीआईहै,[...]
ममता, करुणा का दीप जलाओ – नीतू रानीममता, करुणा का दीप जलाओ – नीतू रानी
विषय -दीपावली। शीर्षक –ममता, करुणा का दीप जलाओ – नीतू रानी दीपावली हँसी खुशी से मनाओ, अपने अंदर के अंधकार[...]
आज नरक चतुर्दशी(छोटी दीवाली) की शुभ सन्ध्या में एक दीया जलाओ – गिरीन्द्र मोहन झाआज नरक चतुर्दशी(छोटी दीवाली) की शुभ सन्ध्या में एक दीया जलाओ – गिरीन्द्र मोहन झा
आज नरक चतुर्दशी(छोटी दीवाली) की शुभ सन्ध्या में एक दीया जलाओ – गिरीन्द्र मोहन झा देव, पितर को जोत[...]
चलो मनाएँ ज्ञान की दीपावली – कार्तिक कुमार चलो मनाएँ ज्ञान की दीपावली – कार्तिक कुमार
चलो मनाएँ ज्ञान की दीपावली – कार्तिक कुमार शैक्षणिक विकास, स्वर्वेद, योग-संस्कार एवं नैतिक-चारित्रिक शिक्षा पर आधारित कविता चलो[...]
