Dharmendra Kumar Thakur

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:58 pm

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]

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Dhiraj Kumar

नए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमारनए–नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार

0 Comments 10:35 pm

नए –नए वृक्ष लगाना है – धीरज कुमार मानव जीवन हमने पाया, बुद्धि का मिला खज़ाना है, तो वसुधा को[...]

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कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “कुष्माण्डेति चतुर्थकम् “_अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:25 pm

“कुष्माण्डेति चतुर्थकम् ” रविसम दीप्त देह केर आभा, दुर्गा अष्ट भुजा बाली। इषित हाससँ सृजित केलहुँ ब्रह्मांड सकल पुनि प्रतिपाली।[...]

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मरती संवेदनाएं _ रानी कुमारीमरती संवेदनाएं _ रानी कुमारी

0 Comments 10:18 pm

शीर्षक – मरती संवेदनाएं आज इस समाज के भागमभाग में कैसी अजब दीवार बैठी है? संवेदनाएं मर गई कुरीति और[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचाँद की यात्रा _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:11 pm

चाँद की यात्रा अंधकार की चादर ओढ़े, सोया था वह शून्य में, कोई निशा न साथ थी, खोया था वह[...]

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हे स्त्री आप साधारण नहीं होहे स्त्री आप साधारण नहीं हो

0 Comments 6:08 pm

॥ हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो ॥ – गौरव कुमार तिवारी हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो, माँ भवानी[...]

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नवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमारनवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमार

0 Comments 6:06 pm

शीर्षक: “नवदुर्गा की हुंकार” उठो तेजस्वी…! अपने जीवन में हुंकार भरो, नवयुग के जीवन का निर्माण करो, माँ दुर्गा के[...]

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तुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारीतुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारी

0 Comments 6:05 pm

तुम पर्वतों के समान बनो, आँधियाँ भी मुड़कर लौट जायें   तुम पर्वतों के समान अचल बनो, आँधियाँ भी स्पर्श[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:26 pm

स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? यहाँ हर व्यक्ति बीमार है, दिखती हर सूरत बेज़ार है। भीड़ तो है इंसानों[...]

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Ashish Amber

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बरप्यारे बच्चें – आशीष अम्बर

0 Comments 11:00 pm

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बर कितना प्यारा है यह संसार। बागों में आ गई देखो बहार। चलो झूम कर नाचे[...]

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