भूख की हुंकार भूख उदर में जब आती है, रणचंडी-सा रूप दिखाती है, धमनियों में लहू उबलता है, नस-नस में[...]
कर्त्तव्य बोध – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकर्त्तव्य बोध – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
कर्त्तव्य बोध अधिकार जताने से पहले कर्त्तव्य हमें समझाना होगा, अमृत रस पाने से पहले विष का प्याला पीना होगा।[...]
शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन वाणी वह अनमोल रतन है, जो चाहे तो सृष्टि संवार दे, पर ज़रा सी चूक[...]
निपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तवनिपुण बिहार — एक संकल्प-अक्षय श्रीवास्तव
निपुण बिहार — एक संकल्प चलो आज फिर एक दीप जलाएँ, हर बच्चे को आगे बढ़ाएँ। जिसके हाथ में कलम[...]
पहुंच मंजिल अब मुस्काना है -अर्चना गुप्तापहुंच मंजिल अब मुस्काना है -अर्चना गुप्ता
पहुंच मंजिल अब मुस्काना है पथ की बाधाओं से डरकर दुख की झंझाओं से थककर हे पथिक ! तुम हार[...]
महामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरमहामंत्र: आत्म शुद्धि- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
महामंत्र: आत्म शुद्धि सिद्ध होंगे कार्य सारे, सिद्धियाँ चरण चूमेंगी, सफलता की पताकाएँ, गगन में गोल घूमेंगी। अगर पहचान ले[...]
जिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झाजिंदगी क्या है?_ गिरीन्द्र मोहन झा
जिंदगी क्या है? ईश्वर में आस्था रखते हुए स्थितप्रज्ञ और आत्मभाव में स्थित होकर निरंतर कर्म करने का नाम है[...]
जीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हाजीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हा
जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल है, जगह-जगह पर निकलता सु-स्वर का[...]
चंपारण ने राह दिखाया – सीता राम रायचंपारण ने राह दिखाया – सीता राम राय
चम्पारण ने राह दिखाया, गांधी को अपने घर लाया; शोषण की तस्वीर दिखाकर, सत्याग्रह का प्रयोग कराया। ‘तीनकठिया’ ने ख़ूब[...]
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारीमद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारी
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ, खामोशी में कुछ कहती हूँ। आँखों में सपनों की दुनियाँ, दिल में[...]
