नुनू खुशी – खुशी से दहि तू एक्जाम रे, पाबिहैं बड़ा मुकाम रे ना। परीक्षा में डरै के नय कोनो बात, मजबूत राऽख अपन जज़्बात। नुनु हंसि कय हल करिहैं…
मूल्यांकन -मनु कुमारी
मूल्यांकन ( कविता) मुस्कानों से भरा हुआ हर एक चेहरा, मन में उमंग, न कोई डर का बसेरा। मूल्यांकन का यह सुंदर अवसर आया, साल भर की मेहनत ने रंग…
दोहा विधान रामकिशोर पाठक
दोहा विधान आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं यहाँ, ज्ञान हमारा अल्प। फिर भी हूँ बतला रहा, दोहा…
खत -रामकिशोर पाठक
खत – विधाता छंद रखा खत में कभी मैंने, हृदय को खोलकर अपना। लिखा कुछ शब्द जो मैंने, वही तो खास था सपना।। मगर जिसको लिखा मैंने, उसे दे तक…
बिहार दिवस -रामपाल प्रसाद सिंह
बिहार दिवस। हरि गीतिका छंद में। रुकता नहीं बढ़ता सदा रथ,नव नवीन बिहार है। जो पूर्व-उत्तर में अवस्थित,देश का श्रृंगार है।। उत्तर-दिशा में है हिमालय,मध्य गंगा बह रही। मौरंग से…
दोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठक
दोहा रचना कीजिए – एक प्रयास दोहा रचना जब करें, रखिए इतना ध्यान। मात्रा गिनती स्वर सभी, व्यंजन का न विधान।।०१।। गुरु स्वर की मात्रा सदा, गिनना दो है भार।…
फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार
फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार चाईनीज खाना चाईनीज प्यार फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार शिक्षा जब बनी व्यापार जिसका न कोई परिवारिक सरोकार फिर कैसे मिले बच्चों में…
मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक
शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी न खीझे, काल दुष्ट सब सीझे, मेरे भोलेनाथ जी। जटा…
करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी। महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन गई कड़ी सजा की अधिकारी। देवराज इंद्र की छल की…
परीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानी
परीक्षा केअ एलै बहार बहार मेरी सखिया बच्चा सेअ शोभै स्कूल हमार हमार मेरी सखिया परीक्षा —2। पहिले बच्चा अपन नाम लिखै, बाद में स्कूल, प्रखंड, जिला के नाम लिखै…