Kartik Kumar

स्वच्छता जागरूकता- कार्तिक कुमारस्वच्छता जागरूकता- कार्तिक कुमार

0 Comments 9:17 pm

स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे। मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। घर-आँगन साफ़ बनाएँ। कूड़ा कभी नहीं फैलाएँ। विद्यालय सुंदर चमकाएँ। सबको स्वच्छता[...]

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Kartik Kumar

मिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमारमिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमार

0 Comments 9:13 pm

मिट्टी से सुंदर रूप बनाएँ। नई-नई कलाएँ अपनाएँ। हाथी, घोड़ा, फूल बनाएँ। गुड़िया, दीपक खूब सजाएँ। छोटे-छोटे खिलौने गढ़ें। मिलकर[...]

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Kartik Kumar

कचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमारकचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमार

0 Comments 9:07 pm

गीला-सूखा कचरा बाँटें। स्वच्छता की राह को थामें। हरा डिब्बा, नीला डिब्बा। सही जगह पर डालें कचरा। प्लास्टिक अलग, कागज़[...]

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अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध

0 Comments 11:56 am

अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]

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कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “

0 Comments 11:55 am

कविता -: शीर्षक – “ज्ञानी ककहरा” क, से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख,से खरगोश है, उजला – उजला, ग, से[...]

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“पहली कक्षा के बच्चे” कविता“पहली कक्षा के बच्चे” कविता

0 Comments 11:54 am

पहली कक्षा के बच्चे, दिखते भोले- भाले, होते मन के सच्चे । पहली कक्षा के बच्चे, पहली कक्षा के बच्चे[...]

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Kartik Kumar

शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार

0 Comments 5:46 pm

शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]

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गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:46 pm

गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]

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