सहज नाम बस राम गाइए। भजन से परम धाम पाइए।। सहज पाप करते हुए कभी। हृदय ताप धरते हुए कभी।।[...]
पुस्तक -राम किशोर पाठक पुस्तक -राम किशोर पाठक
जबसे मैंने प्रीत लगाई। हर मुश्किल का हल है पाई।। गर्वित जिससे मेरा मस्तक। क्या सखि? साजन! न सखी! पुस्तक।।०१।।[...]
सैनिक – राम किशोर पाठक सैनिक – राम किशोर पाठक
प्रहरी बनकर डटे हमेशा, रखते भारत को स्वाधीन। वीर हमारे सारे सैनिक, राष्ट्र सुरक्षा में तल्लीन।। हर मौसम में सीमाओं[...]
उपलब्धि-गिरीन्द्र मोहन झाउपलब्धि-गिरीन्द्र मोहन झा
सूर्य की उपलब्धि है कि सबको रोशनी, ऊर्जा, जीवन-शक्ति मिले, वृक्ष की उपलब्धि है, सबको फल-फूल, सुगंध, वायु, छाया मिले,[...]
गर्मी -रामकिशोर पाठकगर्मी -रामकिशोर पाठक
गर्मी- हास्य-व्यंग्य कुंडलियां गर्मी भीषण पड़ रही, सूरज हुए प्रचंड। व्याकुल सारे लोग हो, खोज रहे हैं ठंड।। खोज रहे[...]
किताब -आशीष अम्बरकिताब -आशीष अम्बर
शीर्षक – किताब । सब चीजों सबसे प्यारी, होती है किताब । उलझे – उलझे हर सवाल का, देती है[...]
आओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठकआओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठक
आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण बचायें – सार छंद गीत धरा श्यामली कुंठित रहती, मिलकर उसे हसायें। आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण[...]
पुस्तक- रामकिशोर पाठकपुस्तक- रामकिशोर पाठक
पुस्तक- गीता छंद गीत २२१२-२२१२, २२१२-२२१ पुस्तक सदा वरती हमें, शुभ ज्ञान का आधार। है मित्र सच्चा मान लो, सपना[...]
किताबें – रुचिकाकिताबें – रुचिका
किताबें दर्द में मरहम सी, तन्हाई में सच्ची साथी, खुशियों में साथ रहकर ये अपने होने का एहसास कराती। किताबें[...]
लड़ी रह गई – रामकिशोर पाठकलड़ी रह गई – रामकिशोर पाठक
लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]
