बसंत आम के पेड़ पर छाए बौड़़ चर- अचर नाचें चहूँ ओर सुरभित भए दिग- दिगंत सखि, यही तो है बसंत! रे अलि! आया बसंत! सिसिर का सुनापन है भागा…
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दोहे रामकिशोर पाठक
दोहे सकल सृष्टि में कर्म के, फल का बना विधान। जिसका पालन का सदा, रखते शनि हैं ध्यान।। जिसने जैसा है किया, उसे वही हो प्राप्त। न्याय व्यवस्था शनि किए,…
आकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठक
आकाश- बाल कविता अम्मा कहती हैं मुझे, छूना है आकाश। मेरे सारे कार्य पर, देती है शाबाश।। हर्षित होकर मैं सदा, करता अपना काम। मीठी बोली से सदा, माँ लेती…
बगुला नीतू रानी
विषय -बगुला। शीर्षक -आटा से बना मेरा बगुला। आटा से बना ये बगुला, देखने में लंबा और पतला। दिन भर देखता रहता पानी, खाता रहता मछली रानी। घर इसका बरगद,…
मैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मैं हूं शिक्षक मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने…
डालती रंग है रामकिशोर पाठक
डालती रंग हैं- अरुण छंद होली गीत पीसकर, सिल सदा, शिव पिए भंग हैं। पार्वती, रूद्र को, डालती रंग हैं।। नेत्र हैं, शिव किए, लाल पीला जहाँ। रंग नव, भर…
छुट्टियों की खुशियां मृत्युंजय कुमार
छुट्टियों की खुशियाँ… छुट्टियों के दिन आए हैं, बच्चों में खुशियाँ छाई हैं। मौज-मस्ती खूब करेंगे, नहीं किसी से तनिक डरेंगे। रोज़-रोज़ जाते हैं स्कूल, स्कूल को कह सकते हैं…
संकल्प- मनु कुमारी
संकल्प (कविता) संकल्प जगे जब अंतर में, तो पथ स्वयं बन जाता है। साहस के चरण जहाँ पड़ें, भय वहीं मिट जाता है।। साक्षी है यह इतिहास स्वयं, हर युग,…
धैर्य रामकिशोर पाठक
धैर्य – शक्ति छंद मात्रिक गीत हमें आप इतना बता दीजिए। कहाँ धैर्य खोया पता कीजिए।। हमें भी जरा सा पता तो चले। किया क्या खता मैं हुआ क्यों गिले।।…
मेरी गुड़िया नीतू रानी
विषय -बाल कविता। शीर्षक -मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है। मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है, दिखने क्या अद्भुत लग रही है। बाल मेरी गुड़िया का हरी मिर्ची…