शीर्षक :- सूरज उगले आग । मम्मी , मुझको बहुत सताती , यह गरमी की तपती धूप । मैं नही[...]
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पर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारीपर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारी
पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण है हमारा जीवन आधार, जिससे सुरक्षित है और घर संसार। मिट्टी, जल, वायु, अनल के संग, आसमान[...]
आओ करें प्रकृति से प्यार – मनु कुमारीआओ करें प्रकृति से प्यार – मनु कुमारी
आओ करें प्रकृति से प्यार आओ करें प्रकृति से प्यार, प्रकृति का है हम पर उपहार। पर्यावरण है जीवन का[...]
पर्यावरण – रामपाल प्रसाद सिंहपर्यावरण – रामपाल प्रसाद सिंह
पर्यावरण उठी जगत में आज क्यों,वही पुरानी बात फिर। दिखा उजाला था कभी,अभी सजी है रात फिर।। बढ़ता ताप जगा[...]
ताड़ासन – कार्तिक कुमारताड़ासन – कार्तिक कुमार
ताड़ासन सीधे खड़े हो तन को तानो, ताड़ वृक्ष सा रूप बनाओ। दोनों हाथ ऊपर ले जाकर, आकाश की ओर[...]
वृक्षासन -कार्तिक कुमारवृक्षासन -कार्तिक कुमार
वृक्षासन एक पैर पर खड़े हो जाओ, वृक्ष समान संतुलन पाओ। दूसरा पैर जंघा पर रखकर, हाथ जोड़ ध्यान लगाओ।[...]
भद्रासन -कार्तिक कुमारभद्रासन -कार्तिक कुमार
भद्रासन भद्रासन में बैठो प्यारे, दोनों तलवे साथ मिलाओ। घुटनों को बाहर फैलाकर, रीढ़ सीधी रख दिखलाओ। धीरे-धीरे श्वास चलाओ,[...]
जीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झाजीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झा
जीवन और मृत्यु जीवन जीवन ही होता है, जीवन का ध्येय भी जीवन होता है, जन्म-मृत्यु के है जीवन कर्म-प्रधान,[...]
विश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झाविश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झा
विश्व ब्राह्मण दिवस गायत्री-जप, सन्ध्या-वन्दन है परम कर्त्तव्य तुम्हारा, निरंतर सीखना, उसे योग्य लोगों में बांटना है कर्म तुम्हारा, धर्म[...]
पुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंहपुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंह
शीर्षक:- पुरवाई आई,गर्मी घबराई। पछुआ पवन पाँव,रौंद दिया गाँव-गाँव, बढ़ गया काँव-काँव ,चैन नहीं छाँव में । प्रभु ने लिखा[...]
