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हिंदी – नीतू रानी

Nitu Rani

Nitu Rani

हिंदी हृदय की वाणी है,
बचपन में मैंने सुनी अपनी नानी से
हिंदी में नयी कहानी है ।

भाषा की जननी है हिंदी
साहित्य की गरिमा हिंदी ,
जन -जन में बोले जाने वाली
वो राष्ट्र भाषा भी हिंदी।

भारतेंदु हरिश्चंद्र वो भी
जनक रहे हिंदी के,
हिंदी भाषा से लगाव था उनको
इसलिए पिता कहलाए वो हिंदी के।

कवियों में हरिवंश राय बच्चन
महादेवी वर्मा , प्रेमचंद, रेणु जी,
तुलसीदास और सूरदास
हिंदी भाषा के थे विद्वान कवि वो दीनबंधु निराला जी भी ।

सबसे सुगम है भाषा हिन्दी
सबके प्रिय हैं भाषा हिन्दी ,
नन्हें बच्चों के मुख से तुतलापन
निकली हुई मधुर भाषा भी हिंदी।

मेरे देश की भाषा हिंदी
पहचान भी मेरी हिंदी,
शान भी मेरी हिंदी
सम्मान भी मेरी हिंदी।

सरल भाषा है हिन्दी
सुलभ भाषा है हिन्दी,
इसलिए तो सबसे प्रिय है,
और सबसे अलग भी है मेरी हिंदी,
जो कभी न की जा सकती
इसकी कोई भी गिनती।

देखो आज है हिन्दी दिवस
सभी के मन हैं अति प्रसन्न,
इसलिए तो नीतू रानीआज हिन्दी को ,
हिन्दी दिवस पर करती है
उनको शत् -शत् नमन ।
✍️✍️✍️


नीतू रानी
स्कूल -म०वि०सुरीगाँव
प्रखंड -बायसी
जिला -पूर्णियाँ बिहार।

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