Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Dharmendra Kumar Thakur

शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:31 pm

शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर गुनगुनी धूप का मीठा साया, लो सर्दी का मौसम आया। दिन छोटे[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:27 pm

‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सम्’ उपसर्ग व ‘भाषण’ मिले, बने शब्द अनमोल। सम्यक सुंदर बातचीत, मिश्री जैसे बोल॥ दो[...]

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Punam Kumari

मैं फलक – तू चाँद  मेरा – पुनम कुमारीमैं फलक – तू चाँद  मेरा – पुनम कुमारी

0 Comments 8:22 pm

मैं फलक – तू चाँद  मेरा – पुनम कुमारी मैं फलक हूँ, तू चाँद मेरा, तुझसे ही रोशन संसार मेरा।[...]

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Subala Kumari

सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारीसद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी

0 Comments 8:15 pm

सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी सब मिलकर एक दीप जलाएं अपने अन्तर्मन की द्वेष मिटाए निर्बलों, असहायों को आस[...]

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Subala Kumari

सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारीसब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी

0 Comments 8:11 pm

सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी खेतों ने ओढ़ ली है धानी चादर भूमिपुत्र भी मंद मंद मुस्कुरा[...]

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Subala Kumari

दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारीदीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी

0 Comments 8:08 pm

दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी आई दीपावली की रात लाई खुशियों की सौगात हर घर आंगन दीप जले[...]

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Subala Kumari

प्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारीप्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारी

0 Comments 8:03 pm

प्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारी आज हमारे घर प्रभु राम आ रहे हैं इसलिए खुशियों के दीपक जला रहे[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:19 pm

स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पत्तों पर लिखे संदेशों से, जब बात हवा तक जाती थी, शासक की[...]

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Rinju Singh

शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारीशरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी

0 Comments 8:54 pm

शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी शरद पूर्णिमा की रात वो खीर बनाना, चाँदनी में छत पर उसे रख[...]

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