शीत ऋतु की दस्तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर गुनगुनी धूप का मीठा साया, लो सर्दी का मौसम आया। दिन छोटे[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
‘वाणी-संवाद’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सम्’ उपसर्ग व ‘भाषण’ मिले, बने शब्द अनमोल। सम्यक सुंदर बातचीत, मिश्री जैसे बोल॥ दो[...]
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारीमैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी
मैं फलक – तू चाँद मेरा – पुनम कुमारी मैं फलक हूँ, तू चाँद मेरा, तुझसे ही रोशन संसार मेरा।[...]
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारीसद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी
सद्भाव की दीपावली – सुबाला कुमारी सब मिलकर एक दीप जलाएं अपने अन्तर्मन की द्वेष मिटाए निर्बलों, असहायों को आस[...]
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारीसब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी
सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी खेतों ने ओढ़ ली है धानी चादर भूमिपुत्र भी मंद मंद मुस्कुरा[...]
दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारीदीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी
दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी आई दीपावली की रात लाई खुशियों की सौगात हर घर आंगन दीप जले[...]
प्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारीप्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारी
प्रभु राम आगमन – सुबाला कुमारी आज हमारे घर प्रभु राम आ रहे हैं इसलिए खुशियों के दीपक जला रहे[...]
There comes the winter – Ashish Kumar PathakThere comes the winter – Ashish Kumar Pathak
There comes the winter – Ashish Kumar Pathak Less noise, less hurry, less to show real beauty, in the letting[...]
स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पत्तों पर लिखे संदेशों से, जब बात हवा तक जाती थी, शासक की[...]
शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारीशरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी
शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी शरद पूर्णिमा की रात वो खीर बनाना, चाँदनी में छत पर उसे रख[...]
