दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अजब तमाशा, गजब ये मेला, दुनियां रंग-बिरंगी है, कहीं मखमली चादर ओढ़े, कहीं भयानक[...]
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मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्रमातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र
मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र रे मीता मोन परै अछि माय, कोन कठिन ब्रत तपकें ठानल, देव पितर ककरा[...]
खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजानखो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान
खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान है गिरी दीवार भारी, टूटता आधार से। रो रही सीता हमारी,[...]
पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवानपुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान
पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान क्या बखान करूँ इस धरती का, मेरे पास अब वो शब्द कहाँ।[...]
बापु की याद आयी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘बापु की याद आयी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘
आज जन्मदिन आया है, बापु की याद आया है। जिसने गाँवों में ग्रामीणों का ग्राम स्वराज्य का सपना देखा था,[...]
जीवन तुम्हाराजीवन तुम्हारा
ये रंग तुम्हारा, संग तुम्हारा,ये पूरा प्रसंग तुम्हारा, जीत हो या हो अब हार , होगी ना ये जंग दुबारा।[...]
बेटी (बेटी की बचाओ पर विशेष)बेटी (बेटी की बचाओ पर विशेष)
घर की लक्ष्मी: बेटी भाग्य से तो केवल जीवन मिलता है जग में, पर बेटी का आना[...]
प्रकृति की रक्षा करेंप्रकृति की रक्षा करें
हरी-भरी धरती की रक्षा, जो दिन-रात करे, प्रकृति के प्रहरी बनकर, संकट से वह नहीं डरे। पेड़-पौधे और नदियाँ-पर्वत, जिसकी[...]
चंचल मनचंचल मन
चंचल मन चंचलता की लहर उठती, अर्जुन ने केशव से कहा, “हे कृष्ण! यह चंचल पवन सा मन कभी थमता[...]
माटी के बोली,मन के हिंदीमाटी के बोली,मन के हिंदी
*माटी के बोली, मन के हिन्दी* मइया के ममता जइसन, मीठ हई हमर बोली, गाँव के गली-गली में, गूँजे रस[...]
