महाशिवरात्रि का त्योहार है आया,
शिवालयों में है उत्सव छाया ।
जिनकी जटा से निकली है गंगा,
आज शिवजी का बज रहा डंका ।
आज भक्तों की पूरी हो जाए मांग,
चढ़ाएं धतूरा, बेलपत्र और भांग ।
सबके हृदय में रहते सदैव ,
देवों के देव , हर – हर महादेव ।
महादेव की महिमा है न्यारी,
भक्तों के कष्ट हर लेते सारी ।
विष अपने कंठ में धारण किए ,
तब से वे नीलकंठ कहलाए ।
बदन में देखो पहने मृगछाला,
और गले में रुद्राक्ष की माला ।
शिवजी की छटा , कितनी निराली,
अद्भुत तेज , दिव्य मन मोहने वाली ।
माता पार्वती के बिना है वे अधूरे,
भक्तों की मनोकामना करते वो पूरे ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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