अलोपकायः आर्काय एकचक्रधराय च।खगेश्वराय कृष्णाय आदित्याय नमो नमः।। अजिताय तमोहत्रे त्रिपुरेशाय डिण्डिने।नुन्नाय नरनाथाय आदित्याय नमो नमः।। पुटेश्वराय सूर्याय धुरीनाय पुरारये।घटाकराय[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
शनिदेवं नमाम्यहम्..राम किशोर पाठक:शनिदेवं नमाम्यहम्..राम किशोर पाठक:
<p>धनरूपाय सौम्याय महनीयगुणात्मने।शर्वाय नीलवर्णाय शनिदेवं नमाम्यहम्।। विरूपाक्षाय वेद्याय आयुष्यकारणाय च।भावुकदाय श्रेष्ठाय शनिदेवं नमाम्यहम्।। कालदाय कवींद्राय गोचराय कलाय च।त्रिगुणाय त्रिनेत्राय शनिदेवं[...]
शिवप्रिया नमोस्तुते।शिवप्रिया नमोस्तुते।
आद्यशक्त्या परमाद्या जगत्स्रष्टा तपस्विनी।सर्वव्यापिणी शैलसुता शिवप्रियायै नमोस्तुते।। परापरा महामायै महाशक्त्यै पद्मलोचना।दुर्गायै दुर्गतिनाशिन्यै शिवप्रियायै नमोस्तुते।। महाविद्या महामाया सर्वसौभाग्यवर्धिणी।स्थितिसंहारकारिण्यै शिवप्रियायै नमोस्तुते।। कपालकुण्डलायै[...]
श्रीराम शरणं प्रपद्येश्रीराम शरणं प्रपद्ये
कौशल्यासुतं राजीवलोचनं आजानुबाहु हरिम्।सौम्याय धीराय श्रीराम शरणं प्रपद्ये।। कुलभूषणाय पुरुषोत्तमाय रघुनंदनंदन नंदिताय।नित्याय शुद्धाय शिवप्रियाय श्रीराम शरणं प्रपद्ये।। मनोहरं मुखारविंद हस्ते[...]
गुरु की महिमा-आशीष अम्बरगुरु की महिमा-आशीष अम्बर
गुरु के बिना ज्ञान नही , ज्ञान के बिना कोई महान नही । भटक जाता है जब इंसान, तब गुरु[...]
गुरुदेव -राम किशोर पाठक गुरुदेव -राम किशोर पाठक
वंदन कर गुरुदेव का, करते सारे काम। जिससे जीवन हो सरल, सहज सरस अभिराम।। ज्ञान चक्षु जब खोलते, सहज भाव[...]
हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक
सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]
राधे-राधे -राम किशोर पाठकराधे-राधे -राम किशोर पाठक
आओ प्यारे राधे-राधे गाने आओ। बंशी वाले गोपाला को पाने आओ।। क्यों खोये हो यों ही बोलो अंगारा में। आओ[...]
शिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झाशिव स्तुति – गिरीन्द्र मोहन झा
शिव शिव हर हर जपो निरंतर । साम्ब सदाशिव शम्भो महेश्वर ।। ॐ हर हर हर महादेव – 2 नीलकंठ[...]
भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक
सहज नाम बस राम गाइए। भजन से परम धाम पाइए।। सहज पाप करते हुए कभी। हृदय ताप धरते हुए कभी।।[...]
