नामांकण कराते चलो
जल्दी से नाम लिखाते चलो,
बच्चों की संख्या बढ़ाते चलो।
छुट न जाये कोई भी बच्चा
सबका नाम मिलाते चलो।
आये है देखो छोटे बच्चे,
मन के कितने ही अच्छे,
कोमल तन है निर्मल मन है
उम्र में है बिल्कुल कच्चे।
प्यार से इनको पढ़ाते चलो।
तोतली बोली है इनकी देखो
समझो-सीखो इसे हर कोई।
घर की भाषा साथ में लाये
मानक भाषा सीखने आये
मानक भाषा सिखाते चलो
बच्चों की संख्या बढ़ाते चलो।
मन में न रखो हीन की भावना,
सच्चे मन से इनको पढ़ाओ,
हर शब्दों को गढ़ना सिखाओ,
आगे बढ़ना सिखाओ
ज्ञानी हो जाये हरेक बच्चा
इनका ज्ञान बढ़ाते चलो,
प्रेम से इनको पढ़ाते चलो।
शिक्षा पाना लक्ष्य हमारा,
इसके बिना जीना गवारा।
इसके बिना तो जीवन अधुरा,
पाले तो जीवन हो जाये पूरा,
शिक्षा का अलख जगाते चलो,
विद्या धन को बढ़ाते चलो।
प्रेम से नामांकन कराते चलो।
रीना कुमारी
प्रा० वि० सिमलवाड़ी पशिचम टोला
बायसी पूर्णियाँ बिहार