Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Dharmendra Kumar Thakur

कागज के फूल _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकागज के फूल _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:27 pm

कागज के फूल कागज़ के जो फूल हैं, सुंदर दिखते आज। खुशबू इनमें है नहीं, फीका सारा काज।। चेहरे पर[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधुंध और सूरज”धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:21 pm

“धुंध और सूरज” मन की थकी परछाईं है यह, केवल पल की तन्हाई। यह कोई स्थाई हार नहीं, मत मानो[...]

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Nitu Rani

शहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानीशहीद महाराणा प्रताप।_ नीतू रानी

0 Comments 10:16 pm

शहीद महाराणा प्रताप। विषय -वीर गाथा 6.0 शीर्षक -राणा प्रताप को पढ़ लेना। महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदय सिंह[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

दीप पर्व का शाश्वत सत्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदीप पर्व का शाश्वत सत्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:36 pm

कार्तिक की वह सघन अमावस, अज्ञान का छाया था डेरा, पर यम के द्वारे चमक रहा था, नचिकेता का बाल-सवेरा।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

तत्व-काया-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरतत्व-काया-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:31 pm

पंच तत्व से बनी है काया, जिसने सारा संसार रचाया। पृथ्वी की गोदी, जल की धारा, अग्नि का तेज, वायु[...]

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Umesh kumar sinha

कलम के कर्मवीरों का गौरवगान-उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक “कलम के कर्मवीरों का गौरवगान-उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक “

0 Comments 8:27 pm

यह शब्दों का वैभव नहीं, संस्कृति का अभिमान है, पद्यपंकज की साधना, साहित्य का जयगान है। अमितेश की वाणी में[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:19 pm

स्याही के पदचिह्न – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पत्तों पर लिखे संदेशों से, जब बात हवा तक जाती थी, शासक की[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

ई-कचरा: सजगता – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरई-कचरा: सजगता – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:45 pm

ई-कचरा: सजगता – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर खराब, पुराने, बंद पड़े जो, बिजली के सामान हैं, मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज, ई-कचरे[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

ध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:22 pm

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]

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