सुबह-शाम करिये योग डरकर भागेगा रोग, कोरोना हो या कोई महामारी योग से भागे सभी बीमारी। सुबह-शाम की हवा लाखों[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
पिता-गिरीन्द्र मोहन झापिता-गिरीन्द्र मोहन झा
परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब हैं उनकी संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता[...]
पिता का सम्मान-मनु कुमारीपिता का सम्मान-मनु कुमारी
पिता संग मानव का जीवन, होता सखे निहाल है, बिना पिता के मां- बच्चों का ,होता सुन लो बुरा हाल[...]
पिता बिन सूना सब संसार-नीतू रानी पिता बिन सूना सब संसार-नीतू रानी
पिता है तो घर है जिसको पिता नहीं है वो घर बेघर है, जिसको पिता है उसके पास रोटी है[...]
योग-राम किशोर पाठकयोग-राम किशोर पाठक
रोग-मुक्त निज तन पाइए। योग सहज जब अपनाइए।। दूर भगाओ आलस्य को। खाना उत्तम है शस्य को।। सुबह टहलना व्यायाम[...]
योग का महत्व-आशीष अम्बरयोग का महत्व-आशीष अम्बर
नित्य जो करता मानव योग , रहे जीवन में सदा निरोग । ऋषि – मुनियों ने प्रतिपादित किया, सत्य में[...]
योग- राम किशोर पाठकयोग- राम किशोर पाठक
बात मेरी मानकर अब आइए। योग जीवन अंग है अपनाइए।। जोड़ने की सीख सबमें यह भरे। स्वस्थ तन दे रोग[...]
योग-रत्ना प्रियायोग-रत्ना प्रिया
सहज, सरल, स्वभाव मधुर, मुख पर हँसी का योग हो, स्वस्थ तन हो, मन प्रसन्न, ऐसा अनुपम संयोग हो। स्वस्थ[...]
वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक
वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]
जल ही जीवन है-राम किशोर पाठकजल ही जीवन है-राम किशोर पाठक
जल ही जीवन विचार लाओ। अपनी धरती निहार आओ।। प्यासे कब-तक भला सहेंगे। दिन कितने हम बचे रहेंगे।। धरा-ताप जब[...]
