दादा-दादी की बचपन की बातें खूब मुझे याद आती हैं, गाँव में जाकर उनके संग खुशियाँ खूब मनाती हैं। जब[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
कटे पेड़ से चाहते हैं भलाई मिलेगी कभी भी। फटे वस्त्र की चाहते हैं जुड़ाई सिलेगी कभी भी।। नहीं[...]
काल चक्र की परिभाषा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर काल चक्र की परिभाषा-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
रटते आए बचपन से हम, एएम और पीएम का क्रम। लातीनी भाषा से जन्मे, एंटी और पोस्ट मेरिडियम। दोपहर से[...]
“हिन्दी है हमारी पहचान”-आशीष अम्बर“हिन्दी है हमारी पहचान”-आशीष अम्बर
हिन्दी है भारत की पहचान, हिन्दी से रोशन सारा जहान । माँ की ममता, पिता का मान, हिन्दी से मिलता[...]
माँ की ममता-डॉ उषा किरणमाँ की ममता-डॉ उषा किरण
अक्षर – अक्षर बाँध सके, नहीं कोई है ऐसी भाषा! व्यक्त करे माँ की ममता को, [...]
आभासी दुनिया, बिखरते रिश्ते-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आभासी दुनिया, बिखरते रिश्ते-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
रिश्तों से कोसों दूर हुए हम, आभासी गलियारों में, कैसी ये तन्हाई आई, अपनों के त्योहारों में। सामाजिक संचार का[...]
आइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमारआइडिया से आत्मनिर्भरता की ओर-राकेश कुमार
ज्ञान-ज्योति लेकर चलें, नवयुग की यह चाल। बच्चों में हम भर रहे, नवचिंतन का ज्वाल॥ PBL का मूल है, सोचें[...]
बीसवीं शताब्दी का बालक – उमेश कुमार सिन्हाबीसवीं शताब्दी का बालक – उमेश कुमार सिन्हा
बीसवीं शताब्दी का था मैं बालक। स्कूल में जाना पड़ता था बैलगाड़ी से। दूर-दराज़ स्कूल था, मेरे पास भाड़ा नहीं[...]
ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमीताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी
ताजा तरीन गज़ल – रखशां हाशमी है अंधेरों में रौशनी उम्मीद सच में होती है जिंदगी उम्मीद आस जब जब[...]
जिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धनजिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धन
जिद हमने छोड़ी – ज्योत्सना वर्द्धन जो नहीं उसे पाने की जिद है मुझे, रोज़-रोज़ आईने से टकराने की जिद[...]
