फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार

फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार चाईनीज खाना चाईनीज प्यार फिर कैसे मिले बच्चों में संस्कार शिक्षा जब बनी व्यापार जिसका न कोई परिवारिक सरोकार फिर कैसे मिले बच्चों में…

परीक्षा केअ एलै बहार-नीतू रानी

परीक्षा केअ एलै बहार बहार मेरी सखिया बच्चा सेअ शोभै स्कूल हमार हमार मेरी सखिया परीक्षा —2। पहिले बच्चा अपन नाम लिखै, बाद में स्कूल, प्रखंड, जिला के नाम लिखै…

मानवता जो जीवित मन में-राम किशोर पाठक

मानवता जो जीवित मन में, उत्तम हर व्यवहार। भरा रहे मन नित खुशियों से, हर जीवों से प्यार।। सरल नहीं है मानव रहना, जिस मन रहता क्रोध। नहीं समस्या जबतक…

परीक्षा-नैना कुमारी 

खेलकूद में नहीं बिताना  बच्चों अपना पूरा साल आएगा मार्च होगी परीक्षा  होगा तेरा बूरा हाल  गणित के प्रश्न पत्र में होंगे  ऐसे टेढ़े मेढे सवाल हिंदी में भी होगा…

अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक

वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम। वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।। महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव। खण्डेराव संगिनी प्यारी, माहेश्वर थी ठाँव।। सीमाओं के बाहर तक…

अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक

अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान में धरे अनंग। अंग-अंग प्रेम रंग।।०१।। श्याम बोलते निहार। राधिका…

गीता का संदेश -गिरीन्द्र मोहन झा

श्रीकृष्ण कहते, तुझमें शक्ति है, तू परंतप, महाबाहो, महावीर है, तू पार्थ, ईश्वर का पवित्र अंश, गुडाकेश, साहसी, परम धीर है, कर्तापन का अभिमान छोड़, मेरे कार्यों में निमित्तमात्र बनता…