Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Nitu Rani

योग भगाए रोग-नीतू रानीयोग भगाए रोग-नीतू रानी

0 Comments 10:53 pm

सुबह-शाम करिये योग डरकर भागेगा रोग, कोरोना हो या कोई महामारी योग से भागे सभी बीमारी। सुबह-शाम की हवा लाखों[...]

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Girindra Mohan Jha

पिता-गिरीन्द्र मोहन झापिता-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 6:39 pm

परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब हैं उनकी संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता[...]

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Nitu Rani

पिता बिन सूना सब संसार-नीतू रानी पिता बिन सूना सब संसार-नीतू रानी 

0 Comments 3:47 pm

पिता है तो घर है जिसको पिता नहीं है वो घर बेघर है, जिसको पिता है उसके पास रोटी है[...]

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Ram Kishore Pathak

योग-राम किशोर पाठकयोग-राम किशोर पाठक

0 Comments 3:42 pm

रोग-मुक्त निज तन पाइए। योग सहज जब अपनाइए।। दूर भगाओ आलस्य को। खाना उत्तम है शस्य को।। सुबह टहलना व्यायाम[...]

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ashish amber

योग का महत्व-आशीष अम्बरयोग का महत्व-आशीष अम्बर

0 Comments 3:24 pm

नित्य जो करता मानव योग , रहे जीवन में सदा निरोग । ऋषि – मुनियों ने प्रतिपादित किया, सत्य में[...]

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Ram Kishore Pathak

वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:26 pm

वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]

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Ram Kishore Pathak

जल ही जीवन है-राम किशोर पाठकजल ही जीवन है-राम किशोर पाठक

0 Comments 10:22 pm

जल ही जीवन विचार लाओ। अपनी धरती निहार आओ।। प्यासे कब-तक भला सहेंगे। दिन कितने हम बचे रहेंगे।। धरा-ताप जब[...]

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