Site icon पद्यपंकज

अंजाम होता है -रामकिशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

अंजाम होता है- गजल
१२२२-१२२२-१२२२-१२२२

सदा ही कर्म अच्छे का सुखद अंजाम होता है।
किया जिसने यहाँ ऐसा जगत में नाम होता है।।

नहीं कोई यहाँ जिसका कभी उसको न ठुकराना।
कभी बेवक्त उससे भी जरूरी काम होता है।।

किसी भी हाल में रहिए मगर हँसना जरूरी है।
हँसी तो एक अच्छा सा सरल व्यायाम होता है।।

नहीं पालो अहम इतना सभी को मौत आनी है।
किसी का भी नहीं स्थायी यहाँ पर ठाम होता है।।

किया जिसने यहाँ जैसा उसे पाना यहाँ वैसा।
यही जीवन हमें देता सदा पैगाम होता है।।

सुमन की आस रखते हो लगाना भी सुमन सीखो।
सुवासित तो तभी यारों सुबह ओ शाम होता है।।

मगन मन राम को भज लो वही भव पार करते हैं।
भजा जो राम को उसका हृदय ही धाम होता है।।

रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version