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कविता-मैं बिहार हूँ

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मैं बिहार हूं
मैं बिहार हूं, मैं बिहार हूं l
सीता का मायका, राम का ससुराल हूं l
मौर्य का शौर्य, नालंदा का गौरव गान हूं l
महावीर का तप, बुद्ध का ज्ञान हूं l
गुरु गोविंद की वाणी, मखदुम शाह का मजार हूं।
विक्रमशिला का अतीत, राजगीर सा धाम हूं।
नीति का पिता,गणतंत्र की जननी हूं।
मैं बिहार हूं,मैं बिहार हूं।
योग की पहचान, कर्ण का त्याग हूं।
खुदीराम की शहादत का मैं ही गवाह हूं।
भोजपुरी का बजता डंका,मिथिला का मिठास हूं।
मैं बिहार हूं, मैं बिहार हूं।
चंपारण में गांधी की लिखी गाथा हूं।
कुंवर सा साहस,राजेन्द्र सा रत्न हूं।
भिखारी का विदेशिया नाच हूं।
महेन्द्र मिसिर का पुरबिया तान हूं।
मैं बिहार हूं,मैं बिहार हूं।

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Nilesh kumar

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