छोड़ नफरत,दंभ और द्वेष
आओ मिटाएं मन के क्लेश
दया ,धर्म, सौहार्द, प्रेम से
बन जाएँ एक मत , एक वेश
मानवता का संदेश पढ़ाकर
फैलाएँ खुशियों का उजियारा
आओ निभाएँ हम भाईचारा …..
जग में फैली कैसी बुराई
जात -धर्म में बँटे सब भाई
हिंसा के हैं बादल घनेरे
स्वार्थसिद्धि में होती हाथापाई
धर्म के ऊपर उठकर अब हम
बना लें एक मजहब न्यारा
आओ निभाएँ हम भाईचारा …
ॠत अनृत का ज्ञान हो जाए
शांति, सदभाव का विधान हो जाए
मिलजुलकर सब संग रहे अब
इंसानियत का मुझे भान हो जाए
कंटक पथ की दुर्गम राहों में
बहाते जाएँ प्रेम की धारा
आओ निभाएँ हम भाईचारा …..
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
प्रखंड कुर्साकांटा
जिला अररिया
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