आओ नववर्ष मनायें।
खुशियों के फूल खिलाएं।
नयी उम्मीदें नयी उमंगों के साथ ,
नित्य नया कुछ कर जायें।
नये सपनों को देखें,
उसे सही आकार दें।
नीले- नीले आसमान में,
सफलता की नयी उड़ान भरें।
धरती मां सी सहनशक्ति,
सरिता सी करूणामयी बने।
शशि दिनकर के जैसे हम,
कर्मपथ पर गतिमान रहें।
पेड़ के जैसे परोपकारी बनें ,
जग में सबका कल्याण करें।
सदाचार की राह चलें हम,
गुरूजन का सम्मान करें।
आत्म उत्थान के लिए हम निशि दिन,
परमपिता का ध्यान करें।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी,विशिष्ट शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी,राघोपुर,सुपौल
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