ममता की निर्मल सरिता, वसुंधरा सी असह्य पीड़ा, सह कहलाती जननी । स्वयं भूखी परवाह नहीं, बच्चों के क्षुधा मिटाने[...]
Category: Prem
Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
माँ की ममता-राम किशोर पाठक माँ की ममता-राम किशोर पाठक
जग में लानेवाली माँ की, ममता का है मोल नहीं। कैसे चर्चा मैं कर पाऊँ, निकल रही है बोल नहीं।।[...]
मां-बिंदु अग्रवालमां-बिंदु अग्रवाल
मैंने उसे कभी चैन से सोते नहीं देखा। मजबूरी का रोना कभी रोते नहीं देखा।। हर वक्त थामे रहती थी[...]
प्रेम बड़ा अनमोल-राम किशोर पाठक प्रेम बड़ा अनमोल-राम किशोर पाठक
महज शब्द मत मानिए, प्रेम बड़ा अनमोल। तार साँस की जोड़ता, द्वार हृदय का खोल।। कौन बखाने प्रेम को, जो[...]
श्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठकश्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठक
फाग में नव ढंग दे। श्याम मोहे रंग दे।। आज श्यामा बोल दी। राज दिल की खोल दी।। फाग में[...]
अनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठकअनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठक
अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती[...]
राधा-कृष्ण की होली- राम किशोर पाठकराधा-कृष्ण की होली- राम किशोर पाठक
मोहन रंग लिए कर में छुपते छुपते जब दौड़ लगाए। धूल सभी अति हर्षित होकर माधव के तन से लिपटाए।।[...]
ऋतुराज के आगमन परऋतुराज के आगमन पर
ऋतुराज के आगमन पर निकल उठीं हैं दिवा-रश्मियां नव प्रभात, नव यौवन मन छाया है, स्वागत के लिए कूक[...]
प्रेम – एस.के.पूनमप्रेम – एस.के.पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद विषय:-प्रेम – एस.के.पूनम करें हम प्रेम जीवन में, सुखद परिणाम हम पायें। मिटा कर[...]
कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनमकहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम
प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से,[...]
