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दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी

Subala Kumari

Subala Kumari

दीप का उजाला/सच्ची दीपावली – सुबाला कुमारी

आई दीपावली की रात
लाई खुशियों की सौगात
हर घर आंगन दीप जले
मिटे अंधेरा, प्यार पले।

सज गए बाज़ार सुंदर- सारे
झिलमिल करते रंग- बिरंगे तारे
खिल-बतासे और पकवान
खुश हैं बच्चे, बूढ़े और जवान।

मैया लक्ष्मी जी का है वास
मन में जगा नया विश्वास
ऋद्धि- सिद्धि संग आए गणेश
सुख समृद्धि मिले विशेष।

छोड़ो नफरत, बदलो बात
गले मिलो तुम सबके साथ
भेद -भाव सब भूलें आज
सुंदर बने हमारा समाज।

अंधकार पर प्रकाश की जीत
गाएं मिलकर भाईचारे का गीत।

सुबाला कुमारी
हिन्दी शिक्षिका
भागलपुर बिहार।

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