Tag: Teachers of Bihar The Change Makers

Dharmendra Kumar Thakur

अंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:11 pm

अंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर   शांत चित्त, मौन मन, जब परम सत्य में खोता है, द्वैत भाव का अंत[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:03 pm

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अथाह मन का मीत यहाँ पर, यह जग सारा खारा है, सीने में[...]

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आकृतियों का अनोखा खेल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आकृतियों का अनोखा खेल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 6:55 pm

आकृतियों का अनोखा खेल – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर    आओ बच्चों तुम्हें सिखाएं, आकृतियों की दुनिया घुमाएं। तरह-तरह के आकार[...]

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Purushottam Kumar

कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमारकार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार

0 Comments 10:01 pm

कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार आने वाली है, फिर काली अमावस्या रात, पर इस रात की अलग होगी बात। न[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:13 pm

अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जहाँ प्रकाश प्राण त्यागता है, वहाँ से हमारा युग आरम्भ होता है, सत्य[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण –  धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण –  धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 8:09 pm

भविष्य का भारत: संस्कारयुक्त राष्ट्रनिर्माण –  धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  केवल आधुनिकता की अंधी दौड़ में, शिक्षा अपनी दिशा खो रही[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 7:46 pm

धरती से नाता टूटा है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ शुभ दर्शन केवल कागज पर, धरती से नाता टूटा है।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

पाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:42 pm

पाषाण में परमात्मा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जब गोकुल पर मँडराया संकट, इंद्र का कोप अपार था, तब श्रीकृष्ण ने[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:38 pm

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]

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