Site icon पद्यपंकज

होली-भवानंद सिंह

राधा संग नंदलाल,

खेले रंग व गुलाल,

रंगों का त्योहार होली, खुशी से मनाइए।

सबको गले लगाना,

करें न कोई बहाना,

कुत्सित मानसिकता,मन से मिटाइए।

होली है त्योहार ऐसा,

मन का मैल भगाता,

पैर छूकर बड़ों का, आशीर्वाद पाइए।

हो गरीब या अमीर,

लोगों के मन में खूब,

अपनेपन का भाव व उल्लास जगाइए।

                   भवानंद सिंह (शिक्षक)

                  मध्य विद्यालय मधुलता 

                     रानीगंज, अररिया

1 Likes
Spread the love
Exit mobile version