दोस्ती नही कभी आजमायी जाती, ये तो बस आपस में निभाई जाती। ऊंच नीच का फर्क नही है दोस्ती में[...]
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मित्र-रूचिकामित्र-रूचिका
दवा,दुआ,इल्तिज़ा में उठे जिसका हाथ है, वह मित्र है जो जुदा होकर भी साथ है। जो मन की भित्ति को[...]
अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठकअंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक
अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान[...]
बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी
बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]
फागुन-राम किशोर पाठकफागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से[...]
स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानीस्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी
कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर[...]
मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारीमधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी
मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में,[...]
ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रियाऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया
प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास[...]
मकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारीमकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारी
आया मकर संक्रांति का पर्व, जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ, संतुलन सूर्योपासना के साथ, संतुलन मानव जीवन के साथ।[...]
नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानीनव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी
नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला[...]
