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जल ही जीवन है-आशीष अम्बर

ashish amber

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जल से ही तो है जीवन,

जल से ही तो है ये जहाँ ।

उपयोग करें हम सोच – विचार के,

व्यर्थ न फेंकें यहाँ – वहाँ ।

गर्मी में जब उड़ जाता है यह ,

कितनी सूखी लगती यह धरती ।

मोल बहुत तब बढ़ जाता है,

चलती नही किसी की मरजी ।

उपयोग करें हम समझदारी से,

नही बहाएँ नादानी में यूँ ही ।

बहुत व्यर्थ किया है अब तक,

हमने अपनी मनमान में ।

आज करें हम सभी यह प्रण,

एक – एक बूँद बचायेंगे हम ।

जल से ही तो हमारा भविष्य है,

जन – जन को समझायेंगे हम ।

जल से ही तो जीवन का है आधार,

करते हैं हम इस सच को स्वीकार ।

आओ मिलकर यह प्रण ले हम,

इसे न व्यर्थ बहायेंगे ।

आशीष अम्बर

( विशिष्ट शिक्षक)

उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी

प्रखंड – केवटी

जिला – दरभंगा

बिहार

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