Category: Shakshanik

Dharmendra Kumar Thakur

ध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:22 pm

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:38 pm

ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

काव्य-मुहावरा मंजरी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकाव्य-मुहावरा मंजरी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:18 pm

काव्य-मुहावरा मंजरी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर यहाँ हिंदी के कुछ प्रसिद्ध मुहावरों और लोकोक्तियों को काव्य (कविता) के रूप में[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

काव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकाव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:41 pm

काव्य का आभूषण: अलंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्दों का जब चमत्कार हो, कविता की बढ़ती शान। भाषा सुंदर रूप[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 12:19 pm

पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो पूर्ण रूप देता है। इसके भेदों[...]

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शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार 

0 Comments 12:10 pm

आओ बच्चों! ज्ञान बढ़ाएँ, कविता गाकर भेद बताएँ। संज्ञा नाम बताती है, राम-श्याम की पहचान कराती है। सर्वनाम संज्ञा की[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

 वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:27 pm

वाक्य भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

नाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरनाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:26 pm

नाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर संज्ञा (Noun) परिभाषा काव्य: जो बतलाए नाम को, वस्तु, जीव या स्थान।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

शब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:32 pm

शब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-विचार: काव्य रूप में 1. सार्थक और निरर्थक शब्द वर्ण[...]

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Punam Kumari

स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारीस्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारी

0 Comments 3:15 pm

स्वच्छता का दीप जलाएँ, भारत को सुंदर बनाएँ। गली-गली और गाँव-गाँव में, स्वच्छता का अलख जगाएँ॥ न गंदगी हम फैलाएँगे,[...]

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