बेटियांँ- बाला छंद गीत वर्णिक राम किशोर पाठक बेटियों को पड़ेगा बचाना। भेड़ियों से भरा है जमाना।। सृष्टि को जो[...]
Category: Shakshanik
मेरा किसान-संजीत कुमार निगममेरा किसान-संजीत कुमार निगम
जब मंडराने लगे आसमान में बादल काले-काले, कंधों पर कुदाल लिए खेतों की राह चले मतवाले। जब बरसने लगीं बूँदें[...]
बादल-आशीष अम्बरबादल-आशीष अम्बर
छोटी – छोटी बूँदें लाएँ, ये मतवाले बादल , श्वेत – स्लेटी , नीले – पीले , भूरे – काले[...]
पर्यटन – ए – बिहार-रवि कुमार पर्यटन – ए – बिहार-रवि कुमार
हाँ मैं बिहार हूँ पर्यटनों का भरमार हूँ , इतिहासों की पुकार हूँ धर्मों का प्रयाग हूँ । माता सीता[...]
लक्ष्य-रत्ना प्रियालक्ष्य-रत्ना प्रिया
लक्ष्य न हो आँखों से ओझल, साहस हम दिखलाएँगे । उठते, गिरते और सँभलते, यूँ ही चलते जाएँगें । चरैवेति[...]
योग-राम किशोर पाठकयोग-राम किशोर पाठक
रोग-मुक्त निज तन पाइए। योग सहज जब अपनाइए।। दूर भगाओ आलस्य को। खाना उत्तम है शस्य को।। सुबह टहलना व्यायाम[...]
योग का महत्व-आशीष अम्बरयोग का महत्व-आशीष अम्बर
नित्य जो करता मानव योग , रहे जीवन में सदा निरोग । ऋषि – मुनियों ने प्रतिपादित किया, सत्य में[...]
योग- राम किशोर पाठकयोग- राम किशोर पाठक
बात मेरी मानकर अब आइए। योग जीवन अंग है अपनाइए।। जोड़ने की सीख सबमें यह भरे। स्वस्थ तन दे रोग[...]
योग-रत्ना प्रियायोग-रत्ना प्रिया
सहज, सरल, स्वभाव मधुर, मुख पर हँसी का योग हो, स्वस्थ तन हो, मन प्रसन्न, ऐसा अनुपम संयोग हो। स्वस्थ[...]
वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक
वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]
