Site icon पद्यपंकज

अनुलोम विलोम -कार्तिक कुमार

अनुलोम विलोम
कभी कार्तिक कुमार
मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121
kartikyog.kumar@gmail.com

अनुलोम-विलोम करो रे भाई,
तन-मन में भर जाए तरुनाई।
धीरे-धीरे श्वास को लेना,
फिर प्रेम से बाहर है देना।
नाक बदलकर श्वास चलाओ,
मन की सारी चिंता भगाओ।
रोज सुबह जो योग करेगा,
स्वस्थ और निरोग रहेगा।
पढ़ाई में मन लग जाएगा,
जीवन खुशहाल बन जाएगा।
कार्तिक सर का यही संदेश,
योग अपनाओ, पाओ विशेष।

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version