दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम।
कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम।
रंग-गुलाल हवा है मिलकर, लगा रहा सबको है रंग।
मंद-मंद वह छूकर सबको, मन में भरता नवल उमंग।।
नैनों में शोखी है आयी, दिल में होता धूम धड़ाम।
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम।।०१।।
लाल हरा सह काला पीला, दिखता है अब चारो ओर।
मस्ती में सब झूम रहे हैं, बच्चे भी करते हैं शोर।।
होड़ लगी है सबमें अब तो, मस्तानों में पाए नाम।
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम।।०२।।
रंग गुलाल लगे गालों में, सबके हैं आकर्षक रूप।
मन मोहित है होता रहता, देख सभी के ढंग अनूप।।
बनें हुए सब श्याम राधिका, हर घर है वृंदा धाम।
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

