देव नाथ रत्ना का सपना।सच होगा यह जल्दी इतना।। किसने सोची थीं ये बातें।शीघ्र दिखेगी विस्मित रातें।। सूरज पश्चिम से[...]
Category: Bhawna
Some People are like Sunsets-Ashish K PathakSome People are like Sunsets-Ashish K Pathak
Temporary, breathing, Impossible to hold Onto No matter how badly You want a moment to stay. They arrive quietly soften[...]
बेटियाँ-रूचिकाबेटियाँ-रूचिका
बेटियाँ संघर्षों की नींव पर एक मजबूत महल बनातीं भूत और वर्तमान को परे धकेलकर भविष्य को सुदृढ़ करने में[...]
हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक
सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]
माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]
मां-ब्यूटी कुमारीमां-ब्यूटी कुमारी
ममता की निर्मल सरिता, वसुंधरा सी असह्य पीड़ा, सह कहलाती जननी । स्वयं भूखी परवाह नहीं, बच्चों के क्षुधा मिटाने[...]
माँ की ममता-राम किशोर पाठक माँ की ममता-राम किशोर पाठक
जग में लानेवाली माँ की, ममता का है मोल नहीं। कैसे चर्चा मैं कर पाऊँ, निकल रही है बोल नहीं।।[...]
मां-बिंदु अग्रवालमां-बिंदु अग्रवाल
मैंने उसे कभी चैन से सोते नहीं देखा। मजबूरी का रोना कभी रोते नहीं देखा।। हर वक्त थामे रहती थी[...]
माँ-रूचिकामाँ-रूचिका
अधूरी हसरतों के संग अधूरी सी लगती जिंदगी, खुशियों की बातें लगती सब बिल्कुल ही बेमानी, तेरा साथ मेरे टूटते[...]
साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक
तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]
