Category: Bhawna

Ram Kishore Pathak

हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:10 pm

सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 9:28 am

जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]

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Ram Kishore Pathak

साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:53 pm

तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]

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Ram Kishore Pathak

मधुर रिश्ता बनाएँ – राम किशोर पाठकमधुर रिश्ता बनाएँ – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:29 pm

चलो सबसे मधुर रिश्ता बनाएँ। चलो अपनी सभी रंजिश मिटाएँ।। नहीं रखना सदा शिकवा किसी से। चलो मिलकर गले सबको[...]

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Jainendra

मैं तो हूं दिलवाला – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मैं तो हूं दिलवाला – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:00 pm

कोई करें सजदा मंदिर में या भजन करें शिवाला। मैं घूमूंँ गलियों में यूं ही बनकर बंसी वाला।। हिंदू-मुस्लिम सिख-इसाई[...]

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Ratna Priya

कलम से प्यार-रत्ना प्रियाकलम से प्यार-रत्ना प्रिया

0 Comments 8:59 pm

यह लेखनी चले निरंतर, तू कलम से प्यार कर, अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द से, एक नया विस्तार कर । अक्षर-अक्षर गूँथ जाएँ[...]

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