Category: Bhawna

RAMPAL SINGH ANJAN

ऊपर का भगवान चकित है-रामपाल प्रसाद सिंह अनजान ऊपर का भगवान चकित है-रामपाल प्रसाद सिंह अनजान 

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देव नाथ रत्ना का सपना।सच होगा यह जल्दी इतना।। किसने सोची थीं ये बातें।शीघ्र दिखेगी विस्मित रातें।। सूरज पश्चिम से[...]

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Ram Kishore Pathak

हरि को लखना है -राम किशोर पाठक हरि को लखना है -राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:10 pm

सबसे इतना ही कहना है। सबसे प्रेमिल ही रहना है।। द्वेष भला क्यों मन में धारे। सबको मिट्टी में मिलना[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 9:28 am

जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]

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Ram Kishore Pathak

साथ रहते गए-राम किशोर पाठक साथ रहते गए-राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:53 pm

तंज कसते गए। अश्क बहते गए।। मान मैंने लिया। और सहते गए।। दर्द पीकर सभी। मस्त हँसते गए।। रंज कोई[...]

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