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ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

लाना फूलों की सब माला।

ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।

गुरुवर सबको बोल रहे हैं।

राज सभी से खोल रहे हैं।।

सजने वाला अपना शाला।

ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०१।।

पूजा होगी माँ वाणी की।

वाग्देवी माँ ब्रह्माणी की।।

कुमकुम शोभे भाल निराला।

ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०२।।

गाजर बेर प्रसाद मिलेंगे।

खाकर जिसको झूम उठेंगे।।

हर्षित सारे बालक-बाला।

ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार

संपर्क- 9835232978

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