Site icon पद्यपंकज

Student

हे नारी, तू नारायणी है, डर मत तू झाँसी की रानी है,

डट  कर सामना कर, मनुष्य रुपी दानवों का ,

तू दुर्गावती जैसी प्रतिभा वाली है।

 

तू चाहे रच इस स दृष्टि को,

चाहे, नष्ट कर इस दृष्टि की

तू है चाहे बन जा सीता

तू चाहे बन जा शूर्पणखा

 

तेरी वाणी है निराली, हे नारी

तू नारायणी है, तू चाहे बन

जा दीपक , तू ब्रह्मांड बन

द्रौपदी मुर्मू तू चाहे बन।

रानी पद्मिनी बनना चाहत है ,

तू है निराली, हे नारी तू नारायणी है।

 

डर मत है तू झाँसी की रानी है,

हे नारी तू नारायणी है।

0 Likes

स्वाति कुमारी

Spread the love
Exit mobile version