लहराता है तिरंगा धरा-गगन
सुरक्षित है अब अपना चमन
हवा नहीं, यह फौजी की साँसें
बदौलत जिनके शांति-अमन
है दीप्त भाल जिनका हिमालय
कितनी सभ्यताओं का है आलय
विविधताओं में एकता का संगम
पुनीत धरा का कण-कण शिवालय
धरा धाम का है कश्मीर सिरमौर
यहाँ गंगा यमुना की धार चहुंओर
है धन्य-धन्य हर जन की गाथा
चतुर्दिक गुंजित विश्वगुरु का शोर
अतिथि देवो भव: की पावन वाणी
पाँव पखारे है कई दरिया नूरानी
समरस समर्पित माटी की खुशबू
ॠषि मुनियों की जहाँ अमृत वाणी
मिले तिरंगे को अनंत आसमान
सरहद पर हैं प्रहरी सीना तान
हर घर बहन और बिटिया को
मिले सपनों की उन्मुक्त उड़ान
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
प्रखंड कुर्साकांटा जिला अररिया
0 Likes

