छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया- गजल
२१२२-२१२२-२१२२-२१२
छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया।
भाव नव मन में जगी तो गुनगुनाना हो गया।।
श्यामली धरती सजी धानी चुनर नव ओढ़ के।
पुष्प से डाली भरी उपवन सुहाना हो गया।।
है तितलियाँ भी मचलती फूल की हर डाल पर।
देख कलियों को भ्रमर का मन दिवाना हो गया।।
मोर भी है नाचता उल्लास उसमें दिख रहा।
और कोयल कूक से सबका रिझाना हो गया।।
हर्ष से ऋतुराज का स्वागत सभी हैं कर रहे।
अब सहज सबसे यहाँ मिलना मिलाना हो गया।।
अंग सबका खिल गया है जीव या निर्जीव हो।
शोखियों का जाम नैनों से पिलाना हो गया।।
नैन अंजन डार गोरी हर रही चित को यहाँ।
शोख नैना आज जैसे कातिलाना हो गया।।
रचनाकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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