A leader whose actions were guided by indomitable will; Future generations will hardly believe a man walked in such flesh[...]
Category: दिवस
अहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बरअहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बर
हाथों में हथियार नही है, मन में है सत्य का विश्वास । हर चेहरे पर मुस्कान रहे , गाँधी जी[...]
बापु की याद आयी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘बापु की याद आयी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘
आज जन्मदिन आया है, बापु की याद आया है। जिसने गाँवों में ग्रामीणों का ग्राम स्वराज्य का सपना देखा था,[...]
अट्ठाइस मोतियों की माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअट्ठाइस मोतियों की माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
चलो भारत की सैर करें, भारत माँ के हम अट्ठाइस बेटे। सब में हैं बड़े-बड़े गुण, भारतवासी सभी सुन। सबके[...]
बेटियाँ-आशीष अम्बरबेटियाँ-आशीष अम्बर
बेटियाँ दोनों कुल की मर्यादा है, उनसे ही होता कुल का वैभव । उसी के वश में सृजन सृष्टि है,[...]
पुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झापुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा
धन्य वह गेह है, जहां खिलखिलाती बेटियाँ, धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती हैं बेटियाँ, धर्म-ग्रंथ कहते हैं, गृह-लक्ष्मी होती[...]
अ से अः तक स्वर सिखाए गणेश जी से बच्चों की सीख- उमेश कुमार सिन्हाअ से अः तक स्वर सिखाए गणेश जी से बच्चों की सीख- उमेश कुमार सिन्हा
अ — से बना अगज-वदन गणेश को, करो सदा प्रणाम। अच्छे कर्मों से ही बच्चों, होता जीवन महान। आ —[...]
दादा-दादी दिवस-उमेश कुमार सिन्हादादा-दादी दिवस-उमेश कुमार सिन्हा
दादा-दादी दिवस-उमेश कुमार सिन्हा दादा-दादी की बचपन की बातें खूब मुझे याद आती हैं, गाँव में जाकर उनके संग खुशियाँ[...]
हमारी हिंदी – पुरुषोत्तम कुमारहमारी हिंदी – पुरुषोत्तम कुमार
हमारी हिंदी- पुरुषोत्तम कुमार सदस्या है यह भारोपीय भाषा परिवार की। कविता उत्थान, उत्कर्ष, सत्कार और संस्कार की। आर्य भाषा[...]
हिंदी—सिर्फ एक दिवस नहीं-रिन्जु कुमारीहिंदी—सिर्फ एक दिवस नहीं-रिन्जु कुमारी
हिंदी को केवल हिंदी दिवस पर, याद करना भी कैसी विडंबना है, जो हर धड़कन में बसती है, उसे एक[...]
