Site icon पद्यपंकज

सिहर उठता हूँ देखकर –

Nitu Rani

Nitu Rani

अब ये दुनियाँ -दुनियाँ न रहा,
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

इस दुनियाँ में हो रहे चोरी डकैती लूट- पाट,
और फैल रहेझूठ,चोरी,नशा,हिंसा और व्यभिचार,
सभी इसी का कर रहे रोजगार
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

इस दुनियाँ में हो रहे निर्दोष बेटियों की हत्या
और हो रहे बेटियों का बलात्कार ,
क्यूँ बेटियाँ पर हो रहे अत्याचार
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

अभी बेटों के लिए बहू नहीं मिल रही
फिर भी नहीं मिट रहे दहेज कानूनी अपराध,
कैसे सजेगी गरीब बेटियों की बारात
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

अब मनुष्य -मनुष्य नहीं रहा
एक दूसरे का दुश्मन बन रहा
अब मनुष्य जानवर को नहीं
मनुष्य -मनुष्य को खा रहा,
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

अब डाॅक्टर -डाॅक्टर न रहा
पैसों पे बिक रहा
चंद पैसों के लिए गरीब रोगियों
की जान ले रहा,
प्राईवेट स्कूल वाले विद्या दान नहीं
पैसे लूट रहा
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

अभी बाप -बेटा का रिश्ता नहीं रहा
संपत्ति जायदाद के लिए बेटे बाप को मार रहा,
बाप बेटे को मार रहा
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।

इस दुनियाँ में सभी धर्म को छोड़
अधर्म को अपना रहे
पूजा -पाठ को छोड़ पाप को अपना रहे,
ये दुनियाँ अब दुनियांँ नहीं रहा
सिहर उठता हूँ इस दुनियाँ को देखकर।


नीतू रानी
स्कूल -म०वि०सुरीगाँव
प्रखंड -बायसी
जिला -पूर्णियाँ बिहार।

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version