हाथों में हथियार नही है,
मन में है सत्य का विश्वास ।
हर चेहरे पर मुस्कान रहे ,
गाँधी जी की थी यही आस ।
विचारों की महिमा को परखें,
वाणी में हो सच्चा प्यार ।
घृणा की आँधी थम जाए ,
मिटे अज्ञानता का अंधकार ।
जात – पात का भेद न हो,
न रहे ऊँच – नीच की कोई रेखा ।
प्रेम बने संसार की भाषा ,
मानवता हो अब जग की लेखा ।
अहिंसा का संदेशा देकर ,
बापू ने जग का किया कल्याण ।
मिल – जुल कर हम रहे हमेशा,
जिससे बढ़े देश की शान ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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