झूम – झूम कर सावन आया,
संग में कितने खुशियाँ लाया ।
धरती पर है छायी हरियाली ,
देख बगीचा खुश हैं माली ।
बगियों में भी झूलें सजी हैं,
मन – उपवन में प्रीत जगी है ।
मोर – पपीहे वन में नाचे,
किसानों के भी मन हर्षाये ।
बच्चों की हमजोली आई,
मिल सबने नाव चलाई ।
सबके घर आनंद बढ़ाए ,
यह मौसम हम सबको भाए ।
मधुर श्रावणी पूजा लाए,
नारी धर्म की कथा सुनाए ।
भाई को बहना राखी पहनाए,
बहन की रक्षा का संकल्प दिलाए ।
तपित हृदय में ठंडक लाए ,
प्राणियों को नवजीवन दे जाए ।
इन्द्रधनुष का रंग दिखलाए,
झिंगुर भी झंकार सुनाए ।
झूम – झूम कर सावन आया,
संग में कितने खुशियाँ लाया ।
कोमल मन को राहत पहुँचाया,
झूम – झूम कर सावन आया ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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