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बापू तेरे देश में – मनु कुमारी

Manu Raman Chetna

Manu Raman Chetna

बापू तेरे देश में,

सत्य सवालों में खड़ा है,

लाठी अब हाथों में नहीं,

पर डर हर दिल में जड़ा है।

बापू तेरे देश में,

चरखा कोने में रोता है,

मेहनत हारी, लालच जीता,

ईमान अक्सर सोता है।

बापू तेरे देश में,

मंदिर–मस्जिद बाँट रहे हैं,

इंसान से पहले नाम–धर्म,

हम खुद को ही काट रहे हैं।

बापू तेरे देश में,

अब भी उम्मीद जिंदा है।

कुछ दीप जले हैं अँधियारे में,

सच कहना अब भी ज़िंदा है।

बापू, लौट आओ एक पल को,

या बस इतना आशीष दे दो—

नफरत से ऊपर उठ सकें हम,

इंसान बनना फिर से सीख लें।

स्वरचित एवं मौलिक 

मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका

प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी, राघोपुर 

सुपौल

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