धनाक्षरी छंद में
बसंत पंचमी पर्व,
खुशी-खुशी मनाते हैं,
सभी भक्त माॅं शारदे का आशीष पाते हैं।
हर वर्ष यह पर्व,
माघ पंचमी को आता,
हम सभी पूरी निष्ठा, श्रद्धा से मनाते हैं।
हॅंस पर सवार माॅं,
कर में वीणा धारती,
माॅं का आशीष से,सब कुछ मिल जाते हैं।
माॅं की भक्ति में विद्यार्थी,
सारी रात जागते हैं,
इस पावन पर्व को, निष्ठा से निभाते हैं।
भवानंद सिंह ( शिक्षक ) मध्य विद्यालय मधुलता रानीगंज, अररिया
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