शिक्षक का कर्तव्य धनाक्षरी छंद
आओ करें शिक्षा दान,
पाकर बच्चे महान,
ये देश के भविष्य हैं, इनको बताइए।
माता-पिता व समाज-
और समुदाय में भी,
शिक्षा रूपी दीप आप,मन से जलाइए।
कर्तव्य के प्रति आप,
हमेशा सजग रहें,
ईमानदारी को आप, सुनीति बनाइए।
विद्यालय व गुरु का,
सम्मान करे हमेशा,
यह बात विद्यार्थियों को आप सिखाइए।
भवानंद सिंह (शिक्षक)
मध्य विद्यालय मधुलता
रानीगंज, अररिया
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