विश्व ब्राह्मण दिवस
गायत्री-जप, सन्ध्या-वन्दन है परम कर्त्तव्य तुम्हारा,
निरंतर सीखना, उसे योग्य लोगों में बांटना है कर्म तुम्हारा,
धर्म की रक्षा करना, राष्ट्र की सेवा है परम धर्म तुम्हारा,
मानव समाज को उत्कर्ष का पथ दिखाना है धर्म तुम्हारा,
अपना कर्त्तव्य पालन कर तुम ही विप्र, द्विज कहलाते हो,
ज्ञान-विज्ञान को नित पाकर ज्ञान-विज्ञान तुम बिखराते हो,
मंत्र के अधीन देवता है और मंत्र तुम्हारे अधीन है,
जिसमें हो तप-त्याग, वही ब्राह्मण सबसे प्रवीण है,
हे ब्राह्मणों ! महत्त्व से अधिक अपने कर्त्तव्यों का ध्यान करो,
कर्त्तव्यपरायणता, निष्ठा को अपनाकर समाज में महान बनो ।
…….गिरीन्द्र मोहन झा
0 Likes

