वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]
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अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘
अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ हर कहानी का अंत कहाँ, कुछ पन्ने शेष भी रहते हैं,[...]
मैं अपनी पहचान बना लूं- पूनम कुमारीमैं अपनी पहचान बना लूं- पूनम कुमारी
मैं अपनी पहचान बना लूं गुमनाम होने से पहले, जी करता है , गांव के मैले आंचल में छुप जाऊं[...]
नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठकनित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठक
सर्व श्रेष्ठ वह भक्ति लहेगा। नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा। शौर्य बोध अब गौन नहीं हो। वीर-धीर तुम मौन नहीं हो।।[...]
पावस आया-ब्यूटी कुमारीपावस आया-ब्यूटी कुमारी
अंबर में जलधर, अवनी पर पावस आया। बह रहा शीतल समीर, कॉप रही है काया। पयोधर की गर्जना, दामिनी का[...]
“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर
मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]
विद्यार्थी रहूँगा- गीतिकाविद्यार्थी रहूँगा- गीतिका
२१२२-२१२२-२१२२ मैं अनवरत एक शिक्षार्थी रहूँगा।कर्म में तल्लीन पुरुषार्थी रहूँगा।। वक्त ही सबको सिखाता है यहाँ पर।वक्त का मैं खास[...]
किस कारण तुम हो चुप रहते-राम किशोर पाठक किस कारण तुम हो चुप रहते-राम किशोर पाठक
कुछ तो तुम मुझसे अब कहते। किस कारण तुम हो चुप रहते।। मन आज विकल हो धधक रहा। तुम दूर[...]
प्रज्ञा निखार- राम किशोर पाठकप्रज्ञा निखार- राम किशोर पाठक
ले ली है अब अपनी, प्रज्ञा निखार। रहते हैं हम होकर, सबसे उदार।। क्षमा दान दूँ अब, तजकर विलाप। रखना[...]
हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक
हमें करना है प्रेम। करे जो सबका क्षेम।। कुटिल कुत्सित सह क्रूर। हुए सब हमसे दूर।। नहीं प्रेमिल सहवास। नहीं[...]
