ले ली है अब अपनी, प्रज्ञा निखार। रहते हैं हम होकर, सबसे उदार।। क्षमा दान दूँ अब, तजकर विलाप। रखना[...]
Category: Aasha Ichchha
हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक
हमें करना है प्रेम। करे जो सबका क्षेम।। कुटिल कुत्सित सह क्रूर। हुए सब हमसे दूर।। नहीं प्रेमिल सहवास। नहीं[...]
सपनों की उड़ान-आशीष अम्बरसपनों की उड़ान-आशीष अम्बर
हम तो आगे बढ़ चलें हैं, सपनों की एक लिए उड़ान । बस लक्ष्य अपना हम साध लिए हैं, चाहे[...]
बस यूं ही-विजय शंकर ठाकुरबस यूं ही-विजय शंकर ठाकुर
गाय -बैलों को भूलकर, कुत्ते के पीछे भागते, गंवार से संभ्रांत बनने की चाहत में। भूलते बिसरते अतीत ! खुले[...]
पेड़ लगाओ-मुन्नी कुमारी पेड़ लगाओ-मुन्नी कुमारी
पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ पर्यावरण को स्वच्छ बनाओ प्रदूषण को दूर भगाओ धरती माँ का मान बढ़ाओ । पेड़ लगाओ,ऑक्सीजन[...]
कविता और कवि – राम किशोर पाठक कविता और कवि – राम किशोर पाठक
मैं वही शब्द का शिल्पकार हूँ। काव्य में भाव का चित्रकार हूँ।। छंद कविता बनी खास संगिनी। हर रही चित[...]
संबंध – राम किशोर पाठक संबंध – राम किशोर पाठक
सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए। जीवन का सुख सार, वही हम पाए।। हर रिश्तों के संग, रहे समरसता। सुरभित[...]
सरकारी स्कूल में हमर नाम-नीतू रानीसरकारी स्कूल में हमर नाम-नीतू रानी
लिखाए दाएअ हौ पापा सरकारी स्कूल में हमर नाम —२। सरकारी स्कूल में आब सब कुछ मिलै छै, खाना मिलै[...]
अंजन-राम किशोर पाठकअंजन-राम किशोर पाठक
मिलकर नैना खिल-खिल जाए। अँखियों में मैं रखूँ बसाए।। है मेरे मन का वह रंजन। क्या सखि? साजन! न सखी![...]
सूर्य-चंद्र-गिरीन्द्र मोहन झासूर्य-चंद्र-गिरीन्द्र मोहन झा
सूर्य अकेला ही विचरता है, जगत् का तम वह हरता है, एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करे, तो[...]
