बच्चों तुम प्रश्न पूछना !
बच्चों तुम प्रश्न पूछना शिक्षकों से, गुरुजनों से,
माता-पिता से, गूगल से, अपने वरेण्य जनों से,
तुम्हारे प्रश्नों से ही तुम्हारा स्तर समझा जाता है,
कभी-कभी तेरे प्रश्न शिक्षकों को भी सिखा जाता है,
तुम्हारे प्रश्न से कभी-कभी हम सभी सीखते हैं,
बच्चे वही अच्छे होते हैं, जो प्रश्न पूछते हैं,
बच्चों तुम जिज्ञासु बनना !
अपने पाठ्य-पुस्तकों पर प्रयास, निरंतर अभ्यास,
चाहे जैसे ही हो, तुम्हें पूर्ण नियंत्रण पा जाना होगा,
उससे उठे प्रश्नों को नित चर्चा का विषय बनाना होगा,
जहां से भी उसका उत्तर अवश्यमेव पा लेना होगा,
चारों ओर के अच्छे चीजों पर अवश्य प्रश्न उठाना होगा,
उसे जानने की कोशिश कर उसका उत्तर पाना होगा,
बच्चों तुम उत्तर देना !
प्रश्न जितना जटिल होगा, विकास उतना ही अधिक होगा, ध्यान रखना,
अपने पाठ्य-पुस्तक पर पूर्ण नियंत्रण अवश्य पा लेना,
समय पर प्रयास, निरंतर अभ्यास, पुनराभ्यास अपनाना होगा,
कई असफलताओं के बाद भी तुम्हें अवश्य सफल होना होगा,
बच्चों तुम आदर्श विद्यार्थी बनना !
बच्चों तुम बड़े-बड़े स्वप्नों, लक्ष्यों के अंतरिक्ष में अवश्य घूमना,
पर कहता हूं, तुम यथार्थ की भूमि से अवश्य जुड़े रहना,
खेलना-कूदना, मस्ती करना, थोड़ा व्यायाम करना,
पर समय पर सही दिशा में प्रयास, निरंतर अभ्यास करते रहना,
बच्चों औरों की मदद करना, मानवता को आत्मसात करना,
समय और अवसर को कभी मत चूकना, सतत बढ़ते रहना,
बच्चों तुम प्रश्न पूछना!
बच्चों तुम जिज्ञासु बनना !
….गिरीन्द्र मोहन झा
बच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झा

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