हे मेरे शंभु ! हे भोलेनाथ !
सर पे मेरे रख तू हाथ
अपनी शरण रख ले मुझको ,
हर बाधा का उद्धार करो
जटा से पावन गंगाजल से ,
हर दुख, पीड़ा का संहार करो ।
हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !
दीन पुकारे बढ़ाओ हाथ
अंधकार है जग में फैला,
सृष्टि में अब उजियार करो
अंत:करण में व्याप्त तमस तोम ,
शीतल चंदा का प्रकाश भरो।
हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !
चरण तुम्हारे रख लूं माथ
विघ्नविनाशक हो हे देवाधिदेव
हर तम -क्लेश का नाश करो ,
आराध्य बन दुखियों के अपने
जीवन से उनके संताप हरो
हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !
है तुझसे ही अब हर आस
हर साँसें हर धड़कन तुझसे
नवऊर्जा का संचार करो
मैं तो हूँ एक मूढ़ अज्ञानी ,
भक्ति का तुम संस्कार भरो।
बेबी अर्चना
विद्यालय का नाम मध्य विद्यालय कुआड़ी
0 Likes
