पद्यपंकज Bhakti,Bhawna हे मेरे शंभु ! हे भोलेनाथ !-बेबी अर्चना

हे मेरे शंभु ! हे भोलेनाथ !-बेबी अर्चना

हे मेरे शंभु ! हे भोलेनाथ !

सर पे मेरे रख तू हाथ

अपनी शरण रख ले मुझको ,

हर बाधा का उद्धार करो

जटा से पावन गंगाजल से ,

हर दुख, पीड़ा का संहार करो ।

हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !

दीन पुकारे बढ़ाओ हाथ

अंधकार है जग में फैला,

सृष्टि में अब उजियार करो

अंत:करण में व्याप्त तमस तोम ,

शीतल चंदा का प्रकाश भरो।

हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !

चरण तुम्हारे रख लूं माथ

विघ्नविनाशक हो हे देवाधिदेव

हर तम -क्लेश का नाश करो ,

आराध्य बन दुखियों के अपने

जीवन से उनके संताप हरो

हे शिवशंभु ! हे भोलेनाथ !

है तुझसे ही अब हर आस

हर साँसें हर धड़कन तुझसे

नवऊर्जा का संचार करो

मैं तो हूँ एक मूढ़ अज्ञानी ,

भक्ति का तुम संस्कार भरो।

बेबी अर्चना

विद्यालय का नाम मध्य विद्यालय कुआड़ी

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply