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जीवन दर्शन-मनु कुमारी

Manu Raman Chetna

Manu Raman Chetna

यह जीवन बड़ा अनमोल है,
इसे व्यर्थ न गँवाया करो।
सुख-दुःख इसमें समाए हुए हैं,
इनसे कभी न घबराया करो।
सुख-दुःख तो जीवन में
आते हैं और जाते हैं,
यदि दुःख पहले आ जाए,
तो उससे न घबराया करो।
उतार-चढ़ाव, लाभ-हानि—
यही तो जीवन की कहानी है,
यदि पहले हानि ही हो जाए,
तो यह भी एक परीक्षा है।
संयम रखो, धैर्य धरो,
मन को दुर्बल न बनाया करो।
कठिनाई जीवन की
सहज, स्वाभाविक स्थिति है,
कठिनाइयों को देखकर
मन से न घबराया करो।
सोने से भी कुछ सीख लिया करो—
घिसकर, पीटकर, तपकर ही
वह निखार को पाता है
और मूल्यवान बन जाता है।
वैसे ही मानव जीवन भी,
संघर्ष में निखर जाता है।
कठिनाइयों का सामना करो,
संघर्ष की राह में स्वयं को तपाओ,
तपकर अपने अस्तित्व को
कुंदन-सा उज्ज्वल बनाओ।
दुःख की आँधी देखकर भी
अपने पथ से न डिग जाया करो।
जो दुर्बल हृदय के होते हैं,
वे शीघ्र थक-हार जाते हैं,
जो साहस और धैर्य रखते हैं,
वे इतिहास रच जाते हैं।
जी-तोड़ परिश्रम किया करो,
भाग्य को दोष न दिया करो।
मानव की चाह का अंत नहीं,
जहाँ दुःख न हो, ऐसा पंथ नहीं,
दुःख में भी मुस्कान सँजोकर
जीवन को आगे बढ़ाया करो।
जो धैर्य धारण करता है,
हर कार्य उसी का सरता है,
चाहे लाख मुसीबत आन पड़े,
वह कभी नहीं बिखरता है।
विश्वास रखो, कर्म करो,
और कभी न घबराया करो।

स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी,विशिष्ट शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी,सुपौल, बिहार

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