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भद्रासन -कार्तिक कुमार

भद्रासन

भद्रासन में बैठो प्यारे,
दोनों तलवे साथ मिलाओ।
घुटनों को बाहर फैलाकर,
रीढ़ सीधी रख दिखलाओ।
धीरे-धीरे श्वास चलाओ,
मन को शांत बनाओ।
योग साधना का यह आसन,
तन-मन को सुख पहुँचाओ।
जांघ और कूल्हे लचीले होते,
पैरों में बल आता है।
रक्त प्रवाह सुचारु होकर,
शरीर स्वस्थ बन जाता है।
ध्यान लगाने में सहायक,
मन की चंचलता हरता।
नियमित अभ्यास करने वाला,
आत्मविश्वास से भरता।
घुटनों में तीव्र दर्द हो तो,
सावधानी अपनानी है।
विशेषज्ञ की सलाह लेकर,
अभ्यास आगे बढ़ानी है।
भद्रासन का सुंदर अभ्यास,
स्वास्थ्य का सच्चा मान।
योग मार्ग पर चलने वालों,
मिलता इससे सम्मान।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

शशांकासन

वज्रासन में बैठो पहले,
दोनों हाथ ऊपर लाओ।
धीरे-धीरे आगे झुककर,
माथा भूमि पर टिकाओ।
श्वास छोड़ते आगे जाना,
तन का तनाव मिटाना।
शशक जैसा रूप बनाकर,
मन को शांत बनाना।
क्रोध और चिंता घटती,
मस्तिष्क को शांति मिलती।
रीढ़ और कमर को आराम,
जीवन में प्रसन्नता खिलती।
पाचन क्रिया अच्छी होती,
थकान दूर हो जाती।
योग साधना करने वालों को,
नई ऊर्जा मिल जाती।
चक्कर या गंभीर दर्द में,
सावधानी अपनानी है।
धीरे-धीरे अभ्यास करके,
सफलता को पानी है।
शशांकासन सरल सुहाना,
तन-मन का रखवाला।
योग दिवस का संदेश यही,
स्वस्थ बने हर मतवाला।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

अर्ध उष्ट्रासन

घुटनों के बल खड़े हो जाओ,
कमर पर दोनों हाथ लगाओ।
धीरे-धीरे पीछे झुककर,
छाती को खूब फैलाओ।
श्वास गहरी भीतर भरना,
तन में शक्ति का संचार करना।
पीछे झुकने का यह अभ्यास,
जीवन में उत्साह भरना।
रीढ़ की लचक बढ़ाता,
कंधों को मजबूत बनाता।
फेफड़ों का विस्तार बढ़ाकर,
श्वसन को बेहतर बनाता।
कमर और छाती को देकर बल,
शरीर को स्वस्थ बनाता।
नियमित अभ्यास करने वाला,
आत्मविश्वास बढ़ाता।
कमर दर्द वाले साधक,
सावधानी से करें।
विशेषज्ञ की देखरेख में,
अभ्यास आगे बढ़ाएँ।
अर्ध उष्ट्रासन योग निराला,
ऊर्जा का भंडार।
नियमित अभ्यास से मिलता,
स्वास्थ्य और सत्कार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग
बकासन

हथेलियाँ भूमि पर रखकर,
घुटनों को ऊपर लाओ।
भुजाओं पर भार टिकाकर,
संतुलन का पाठ पढ़ाओ।
धीरे-धीरे शरीर उठाओ,
मन में साहस जगाओ।
बगुले जैसी मुद्रा बनाकर,
एकाग्रता को बढ़ाओ।
भुजाएँ मजबूत होतीं,
कंधों में बल आता है।
संतुलन और आत्मविश्वास,
जीवन में बढ़ जाता है।
मन की शक्ति बढ़ती इससे,
धैर्य का विकास होता।
नियमित अभ्यास करने वाला,
हर मुश्किल में सफल होता।
कलाई में दर्द हो जिनको,
यह आसन न अपनाएँ।
विशेषज्ञ की देखरेख में ही,
इसका अभ्यास बढ़ाएँ।
बकासन योग का अनुपम रत्न,
संतुलन का आधार।
नियमित अभ्यास करने से,
जीवन बने शानदार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

भुजंगासन

पेट के बल भूमि पर लेटो,
हथेलियाँ कंधों के पास लगाओ।
धीरे-धीरे सिर और छाती,
ऊपर की ओर उठाओ।
नाग समान मुद्रा बनती,
शक्ति का संदेश सुनाती।
श्वास भरकर तन को खोलो,
ऊर्जा नई जगाती।
रीढ़ को लचीला बनाता,
कमर दर्द में राहत देता।
छाती और फेफड़े खोलकर,
श्वसन को बेहतर करता।
पाचन शक्ति बढ़ जाती,
तन में स्फूर्ति आती।
नियमित अभ्यास करने से,
जीवन में खुशियाँ छाती।
गर्भावस्था और गंभीर दर्द में,
सावधानी अपनाएँ।
योग गुरु की देखरेख में,
अभ्यास आगे बढ़ाएँ।
भुजंगासन योग का गहना,
स्वास्थ्य का उपहार।
नियमित अभ्यास करने वाला,
रहता सदा निरोग अपार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग
मकरासन

पेट के बल आराम से लेटो,
ठुड्डी हथेली पर लाओ।
शरीर को पूरी तरह ढीला,
तनाव सभी मिटाओ।
मगर समान स्थिर रहकर,
मन को शांत बनाओ।
धीमी-धीमी श्वास चलाकर,
आत्मिक सुख पाओ।
कमर दर्द में लाभ पहुँचाता,
तन को विश्राम दिलाता।
मानसिक तनाव मिटाकर,
नई ऊर्जा दे जाता।
रक्तचाप संतुलित रखने में,
यह आसन सहायक होता।
नियमित अभ्यास करने वाला,
स्वस्थ और प्रसन्न होता।
किसी गंभीर रोग की दशा में,
विशेषज्ञ की राय लें।
सही विधि से अभ्यास करके,
स्वास्थ्य के फूल खिलें।
मकरासन विश्राम का साधन,
योग का सुंदर उपहार।
तन-मन दोनों स्वस्थ बनाकर,
जीवन करे साकार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए

सेतुबंधासन

पीठ के बल लेट जाओ,
घुटनों को मोड़ लगाओ।
धीरे-धीरे कमर उठाकर,
सेतु जैसा रूप बनाओ।
श्वास गहरी भीतर भरना,
तन में शक्ति का संचार करना।
संतुलन और स्थिरता पाकर,
स्वास्थ्य का विस्तार करना।
रीढ़ को मजबूत बनाता,
छाती को फैलाता है।
थायरॉयड ग्रंथि को देकर बल,
तन को स्वस्थ बनाता है।
पाचन शक्ति बढ़ती इससे,
तनाव दूर हो जाता।
नियमित अभ्यास करने वाला,
नई उमंग को पाता।
गर्दन में दर्द हो जिनको,
सावधानी से करना है।
विशेषज्ञ की देखरेख में,
अभ्यास आगे बढ़ना है।
सेतुबंधासन योग निराला,
ऊर्जा का भंडार।
नियमित अभ्यास से मिलता,
स्वास्थ्य और सत्कार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

पवनमुक्तासन

पीठ के बल सीधे लेटो,
घुटनों को छाती से लाओ।
दोनों हाथों से पकड़कर,
माथा घुटनों से मिलाओ।
श्वास छोड़ते दबाव बढ़ाओ,
पेट को हल्का बनाओ।
गैस और कब्ज दूर करके,
स्वास्थ्य का दीप जलाओ।
पाचन शक्ति बढ़ती इससे,
उदर रोग दूर होते।
कमर और पेट को मिलता बल,
जीवन में सुख संजोते।
रक्त प्रवाह सुचारु होकर,
तन में नई शक्ति आती।
नियमित अभ्यास करने वाला,
निरोगी जीवन पाता।
गंभीर कमर दर्द में साधक,
सावधानी अपनाएँ।
विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में,
अभ्यास आगे बढ़ाएँ।
पवनमुक्तासन सरल सुहाना,
स्वास्थ्य का रखवाला।
योग पथ पर चलने वालों का,
यह सच्चा मतवाला।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

एक नासिका से श्वास लो,
दूसरी से बाहर लाओ।
फिर क्रम को बदल-बदल कर,
प्राण शक्ति को बढ़ाओ।
धीरे-धीरे श्वास चलाकर,
मन को शांत बनाओ।
तन और मन के संतुलन का,
सुंदर मार्ग अपनाओ।
फेफड़ों की क्षमता बढ़ती,
रक्त शुद्ध हो जाता।
तनाव, चिंता, क्रोध मिटाकर,
मन प्रसन्न हो जाता।
एकाग्रता बढ़ती इससे,
स्मरण शक्ति बढ़ जाती।
नियमित अभ्यास करने से,
जीवन में खुशहाली आती।
बहुत तेज़ गति से न करना,
यह ध्यान में रखना है।
सहज और शांत गति से ही,
अभ्यास आगे बढ़ना है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम,
स्वास्थ्य का उपहार।
नियमित अभ्यास करने वाला,
रहता सदा निरोग अपार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए

भ्रामरी प्राणायाम

शांत स्थान में बैठो प्यारे,
आँखें धीरे बंद कर लो।
कानों को अंगुलियों से ढककर,
मन को भीतर केंद्रित कर लो।
गहरी श्वास भीतर भरना,
फिर भौंरे सी ध्वनि करना।
“म्…म्…” की मधुर गूँज से,
तन-मन को आनंदित करना।
तनाव और चिंता मिटती,
मन को शांति मिलती है।
क्रोध, भय और घबराहट भी,
धीरे-धीरे घटती है।
एकाग्रता का दीप जलाकर,
स्मरण शक्ति बढ़ाती।
नियमित अभ्यास करने वालों को,
आंतरिक सुख दिलाती।
बहुत जोर से ध्वनि न करना,
सहज भाव अपनाना है।
योग गुरु के निर्देशन में,
अभ्यास को बढ़ाना है।
भ्रामरी प्राणायाम निराला,
मन का सुंदर श्रृंगार।
योग दिवस का संदेश यही,
स्वस्थ रहे सारा संसार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
थीम: “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग
7004318121
kartikyog.kumar@gmail.com
M.s.katarmala
Secretary district yoga Association

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