ताड़ासन
सीधे खड़े हो तन को तानो,
ताड़ वृक्ष सा रूप बनाओ।
दोनों हाथ ऊपर ले जाकर,
आकाश की ओर बढ़ाओ।
एड़ियों को ऊपर उठाओ,
संतुलन का पाठ पढ़ाओ।
धीरे-धीरे श्वास चलाओ,
मन को भी शांत बनाओ।
रीढ़ की हड्डी सीधी होती,
शरीर में स्फूर्ति भर जाती।
कद बढ़ाने में सहायक बन,
सुंदर मुद्रा यह कहलाती।
पैरों की मांसपेशियाँ मजबूत,
कमर और कंधे बल पाते।
रक्त प्रवाह सुचारु होकर,
तन-मन दोनों स्वस्थ बनाते।
चक्कर आए, संतुलन बिगड़े,
तो सावधानी अपनानी है।
गंभीर रोग या चोट की दशा में,
विशेषज्ञ की राय माननी है।
योग का यह सरल अभ्यास,
स्वास्थ्य का सुंदर उपहार।
ताड़ासन से दिन की शुरुआत,
जीवन बने सुखमय अपार।
12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेषांक
थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग
1 जून से 21 जून
राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक कार्तिक कुमार
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