मूल्यांकन ( कविता)
मुस्कानों से भरा हुआ हर एक चेहरा,
मन में उमंग, न कोई डर का बसेरा।
मूल्यांकन का यह सुंदर अवसर आया,
साल भर की मेहनत ने रंग अब दिखलाया।
कापियों में सपनों की स्याही उतरती,
हर उत्तर में लगन की कहानी संवरती।
भय रहित माहौल में बच्चे खिलखिलाते,
आत्मविश्वास के दीपक मन में जलाते।
न कोई चिंता, न कोई घबराहट,
बस आगे बढ़ने की मीठी सी आहट।
हर प्रश्न जैसे एक नई राह दिखाए,
ज्ञान का दीप और उजियारा फैलाए।
नये कक्षा में जाने का मन में उत्साह,
हर दिल में गूंजे उज्जवल कल की चाह।
मूल्यांकन नहीं बस अंक पाने का खेल,
यह तो है सीखने का सुनहरा मेल।
हर बच्चा अनमोल, हर कोशिश खास,
यही है शिक्षा का सच्चा विश्वास।
आनंद पूर्वक जब परीक्षा दी जाए,
तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूम जाए।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी,राघोपुर,सुपौल

